महाराष्ट्र के नागपुर में वायुसेना अधिकारी की पत्नी से जुड़े कथित धर्मांतरण, ब्लैकमेलिंग और शारीरिक शोषण के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले में फरार चल रहा तीसरा आरोपी मौलाना मजरत महमूद मकसूद बुधवार देर रात सोनेगांव पुलिस स्टेशन पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी को गुरुवार (18 जून) को अदालत में पेश किया जाएगा और उसकी पुलिस हिरासत की मांग की जाएगी ताकि आगे की पूछताछ की जा सके।
यह मामला तब सामने आया जब महिला ने अपने पूर्व परिचित और उसके साथियों पर गंभीर आरोप लगाए। एफआईआर में बलात्कार, ब्लैकमेलिंग, धमकी, जबरन धर्म परिवर्तन और मानसिक उत्पीड़न जैसी धाराएं शामिल हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसे नशीला पदार्थ देकर उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो बनाए गए और फिर उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी देकर लंबे समय तक शोषण किया गया।
मामले में मुख्य आरोपी अय्याज मदारे और उसका साथी अमीन शेख पहले से ही पुलिस हिरासत में हैं। वहीं, गिरफ्तार मौलाना पर कथित रूप से धार्मिक प्रक्रिया और विवाह से जुड़े दस्तावेज तैयार कराने में भूमिका निभाने का आरोप है।
पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या इसमें और लोग भी शामिल हैं या इस तरह की घटनाएं पहले भी हुई हैं।
एफआईआर के अनुसार, फरवरी 2025 में महिला को एक होटल में बुलाया गया था, जहां उसे कथित तौर पर नशीला पदार्थ दिया गया। इसके बाद उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाकर उसे धमकाया गया। आरोप है कि बाद में उसे लगातार डराकर और दबाव बनाकर कई बार शोषण किया गया और उससे पैसे भी वसूले गए।
31 मई को पीड़िता को कथित तौर पर एक स्थान पर ले जाकर धार्मिक प्रक्रिया कराई गई, जहां उसे जबरन धार्मिक रीति-रिवाजों के तहत स्वीकारोक्ति के लिए मजबूर किया गया। इसके बाद उसे यह बताया गया कि उसका धर्म परिवर्तन और विवाह हो चुका है, जबकि पीड़िता ने इसे पूरी तरह अपनी इच्छा के खिलाफ बताया है।