जिले में फिर एक बार पानी संबंधी बड़ा हादसा देखने को मिला। रविवार को पार्वती नदी में नहाने गई बोथपुरा गांव की चार बच्चियां नदी में बह गईं। पुलिस प्रशासन एवं एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू करने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के मुताबिक बोथपुरा गांव निवासी करीब 20 बालिकाओं का जत्था ऋषि पंचमी के अवसर पर पार्वती नदी में स्नान करने गया था। नदी के घाट पर बैठकर सभी बच्चियां स्नान कर रही थीं कि पानी के तेज बहाव में 14 वर्षीय मोहनी पुत्री सुरेश, 12 वर्षीय प्रिया, 10 वर्षीय तनु पुत्री कमल सिंह एवं 14 वर्षीय अंजलि पुत्री कमल सिंह पानी के तेज बहाव में बह गईं। पार्वती नदी पर मौजूद अन्य बालिकाओं ने बचाने के लिए चीख-पुकार भी मचाई लेकिन पानी का वेग अधिक होने की वजह से सभी असहाय खड़े देखते रह गए। थोड़े ही समय में चारों बच्चियां गहरे पानी में ओझल हो गईं।
हादसे के बाद मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। थाना प्रभारी नरेश शर्मा भी मौके पर पहुंचे। जिला मुख्यालय से एसडीआरएफ एवं सेल्फ डिफेंस की टीम को बुलाकर चारों बालिकाओं को रेस्क्यू करने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। बालिकाओं में अंजलि एवं तनु दोनों सगी बहनें बताई जा रही हैं। थाना प्रभारी नरेश शर्मा ने बताया ऋषि पंचमी के अवसर पर गांव की बालिकाओं का जत्था नदी में नहाने गया था, जिसमें से चार बालिकाएं नदी में डूब गईं। बालिकाओं को निकालने के लिए एसडीआरएफ सर्च ऑपरेशन चल रहा है।
नहीं थम रहे पानी के हादसे
बरसात के सीजन में पानी के हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। जिले में एक दर्जन से अधिक लोग पानी के हादसों का शिकार हो चुके हैं। शासन और प्रशासन द्वारा लोगों से जलाशय, झरना, नदी, तालाब आदि से दूर रहने की अपील भी की जा रही है। उसके बावजूद जान जोखिम में डालकर लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। पिछले मंगलवार को भी दो युवाओं की पार्वती नदी में डूबकर मौत हो गई थी।