केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने जनसभा को संबोधित करते हुए जोधपुर के बालेसर में कहा, सारा हिंदुस्तान जानता है और मुस्लिम भाई भी जानता है कि राजनाथ सिंह ने कभी हिंदू मुस्लिम की राजनीति नहीं की। राजनीति यदि की है तो इंसान और इंसानियत की राजनीति की है, जस्टिस और यूनिटी की राजनीति की है। हम माता और बहनों को सम्मान दे रहे हैं। संविधान निर्माताओं ने संविधान में यह बात कही है। इसका क्यों विरोध किया जा रहा है। हमारे ऋषि-मुनियों ने पूरे विश्व में रहने वाले लोगों को अपने परिवार का सदस्य मानते हुए वसुधैव कुटुंबकम का संदेश इसी भारत देश की धरती से सारी दुनिया को दिया है। पूरा विश्व ही हमारा परिवार है। लेकिन आपत्ति होती है, कैसे नहीं किया जाना चाहिए मैं आपसे पूछना चाहता हूं और अगर किया जाना चाहिए तो तालियां बजा दीजिए। लेकिन बराबर हर चीज को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जाती है।

उन्होंने कहा, ऐसे देश को कम से कम हम लोग नहीं चलने देंगे। हर मामले में भारत आगे बढ़ रहा है। मैं देख रहा था हमारी गाड़ियां आज जा रही थीं तो 50 के करीब बच्चे मोबाइल से हमारी फोटो दे रहे थे। जहां जाते हैं वहां ये होता है। पहले मोबाइल हम दुनिया के देश दूसरे देशों से मंगाते थे। आज चीन के बाद दुनिया में सबसे ज्यादा मोबाइल का मैन्युफैक्चर करने वाला कोई देश बन गया है, तो हमारा और आपका देश भारत भारत बन गया है। हर मामले में चाहे डिफेंस हो, जिसका मैं रक्षा मंत्री हूं। पहले तो बंदूक, गोली मिसाइल हर चीज बाहर से मंगाओ, बाहर से मंगवाओ कहते थे। यहां बनती ही नहीं थी। आपको जानकार आश्चर्य होगा कि 2014 के पहले केवल 900 करोड़ का रक्षा एक्सपोर्ट होता था। इतने वैज्ञानिक थे। पब्लिक अंडरटेकिंग इंडस्ट्रीज थीं। लेकिन जो बनता था, उसमें दुनिया के छोटे-मोटे गरीब देश 900 करोड़ का सामान ले जाते थे।

'16000 करोड़ का एक्सपोर्ट इस साल किया'
हमारी सरकार में बीते 6 या 7 वर्षों में इतना करिश्मा हो गया कि आज हम बहुत सारे रक्षा से संबंधित सामान तोप, गोले, बारूद, एमिशंस, मिसाइल कुछ जगह से हम टेक्नोलॉजी, जरूर बाहर से भी ले रहे हैं। लेकिन भारत में सब बन रहा है। आप जैसे भारत के नौजवानों के हाथ से हम ये बना रहे हैं। केवल भारत के लिए नहीं सारी दुनिया के लिए बना रहे हैं। 16000 करोड़ का एक्सपोर्ट इस साल किया है। डेढ़-दो साल बीतेगा, आप देखना हमारे प्रधानमंत्री ने टारगेट सेट किए हैं। इस एक्सपोर्ट को 35 से 40 हजार करोड़ करना है। हम तो चाहते हैं 2047 में भारत की आजादी के 100 वर्ष आते-आते भारत की वह हैसियत बन जाए कि डिफेंस के मामले में हथियार, गोले, बम, तोप, मिसाइल सारी दुनिया को सर्वाधिक एक्सपोर्ट किए जाने चाहिए। हम लोगों की है कोशिश है और आप सब के समर्थन की आवश्यकता है। अभी रूस और चीन की लड़ाई चल रही है। इसे 1 साल से ऊपर समय हो गया।

पता नहीं बालेसर का कोई बच्चा यूक्रेन में पढ़ता था या नहीं। लेकिन जब वहां लड़ाई शुरू हुई और रूस के यूक्रेन पर बम गोले,मिसाइल चलने लगे। तो हमारे भारत के हजारों बच्चे जो वहां बच्चे पढ़ते थे। भारत में उनके माता-पिता ने कहा मोदी जी चाहे जो कुछ हो जाए, हमारे बच्चों को आप यूक्रेन से निकालिए। दुनिया के हर देश के लोग अपने राष्ट्रपति प्रधानमंत्री से यह बात कहते थे। लेकिन हमारे प्रधानमंत्री का कलेजा और कद देखिए, उन्होंने अपने देशवासियों का दर्द समझा और रूस के राष्ट्रपति मिस्टर पुतिन को टेलीफोन लगाया और कहा पुतिन साहब मैं अपने भारत के बच्चों को यूक्रेन से निकालना चाहता हूं। यूक्रेन पर बमबारी कुछ समय के लिए बंद कीजिए। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन को कहा- मुझे आपकी मदद चाहिए। बमबारी यूक्रेन में कुछ समय के लिए रुकनी चाहिए, ताकि मैं अपने देश के बच्चों को वहां से निकाल सकूं। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को भी कहा कि एक भी तोप कुछ समय के लिए नहीं निकालेंगे। साढ़े 4 घंटे के लिए युद्ध रुक गया। 27000 बच्चे हमारे भारत आ गए। यह है हमारा भारत।