मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर थाना क्षेत्र के खानूपुर गांव की सुभाष कॉलोनी में स्मार्ट मीटर लगाए जाने को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब देर रात कई घरों में लगे स्मार्ट मीटर लोगों ने खुद ही उखाड़ दिए। कुछ स्थानों पर ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए सीधे पुराने तरीके से बिजली कनेक्शन जोड़ लिया।

बिना सहमति मीटर लगाने का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग ने उनकी अनुमति के बिना घरों में स्मार्ट मीटर लगाए हैं। लोगों का कहना है कि जब परिवार के सदस्य काम या खेतों में गेहूं कटाई के लिए बाहर थे, उस समय बच्चों पर दबाव बनाकर मीटर लगा दिए गए।


बिल बढ़ने से बढ़ा आक्रोश

ग्रामीणों के अनुसार स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल में अचानक भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है। कई लोगों ने बताया कि जहां 500 रुपये का रिचार्ज किया गया, वहीं कुछ ही घंटों में 2000 से 2300 रुपये तक का बिल दिखने लगा। इस स्थिति से पूरे इलाके में असंतोष फैल गया है।

बिजलीघर पर शिकायत, नहीं हुई सुनवाई

ग्रामीण कई बार अपनी शिकायत लेकर बेगराजपुर बिजलीघर पहुंचे, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। इसके बाद लोगों का गुस्सा बढ़ता गया और उन्होंने मीटर हटाने का कदम उठा लिया।

मौके पर पहुंचे किसान नेता

घटना की जानकारी मिलने पर राष्ट्रीय लोकदल किसान प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र राठी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों का समर्थन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिना सहमति स्मार्ट मीटर लगाने का प्रयास जारी रहा तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

राठी ने कहा कि लोगों की सहमति के बिना इस तरह मीटर लगाना गलत है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

फिलहाल पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और ग्रामीण पुराने मीटर वापस लगाए जाने की मांग पर अड़े हुए हैं।