उदयपुर के महाराणा प्रताप एयरपोर्ट के प्रस्तावित विकास एवं विस्तार के लिए अतिरिक्त 145 एकड़ भूमि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को आवंटित करने हेतु आसपास क्षेत्र की निजी भूमि अवाप्त किए जाने की कार्रवाई प्रस्तावित है। इस हेतु प्रभावित क्षेत्र के हितधारकों/खातेदारों हेतु दो दिवसीय जनसुनवाई का आयोजन 19 दिसंबर से होगा।

इन गांवों की जमीन होगी अवाप्त 

एसडीएम मावली रमेश सीरवी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र तहसील मावली के राजस्व ग्राम डबोक, गणोली, तहसील वल्लभनगर के राजस्व ग्राम टुस डांगियान, रावतपुरा, टुस, एवं मंदेसर जिला उदयपुर की बिलानाम एवं खातेदारी भूमि को जनहित में उदयपुर एयरपोर्ट के विकास एवं विस्तार के लिए अतिरिक्त 145 एकड़ भूमि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को आवंटित कराये जाने हेतु इस भूमि में सम्मिलित 126.1010 एकड़ निजी भूमि अवाप्त किया जाना है। अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकारी अधिनियम के अनुसार तथा इस संबंध में राज्य सरकार के नियमानुसार उदयपुर एयरपोर्ट के विकास एवं विस्तार के लिये अतिरिक्त 145 एकड़ भूमि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण हेतु भूमि अवाप्ति के लिए सामाजिक समाघात प्रभाव के अंतर्गत सुनवाई का आयोजन किया जाना है।

इंटरनेशनल उड़ानों की तैयारी

महाराणा प्रताप हवाई अड्डे के विस्तार के बाद उदयपुर से इंटरनेशनल उड़ानों की तैयारी की जा रही है। सूत्रों के अनुसार पहले चरण में उदयपुर से गल्फ कंट्री के लिए उड़ाने शुरू किए जाने की योजना है।