जयपुर। राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान जयपुर में तेंदुए के शहरी इलाके में मूवमेंट का मुद्दा उठाया गया। मालवीयर नगर सीट से बीजेपी विधायक कालीचरण सराफ ने सरकार से पूछा कि शहर के आवासीय क्षेत्रों में तेंदुओं के प्रवेश को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
सराफ ने कहा कि जब तेंदुए शहर में नजर आते हैं, तो आम लोग पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल करते हैं। इसके बाद वन विभाग तक सूचना पहुँचने में 1–1.5 घंटे लग जाते हैं, जिससे इंसानों और तेंदुओं के टकराव का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने सरकार से सुझाव दिया कि ऐसी स्थिति में एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाना चाहिए।
इस पर वन मंत्री संजय शर्मा ने सदन को बताया कि वन विभाग जल्द ही 1926 हेल्पलाइन नंबर शुरू करने जा रहा है। यह 24 घंटे काम करेगा और इसका ट्रायल चल रहा है। फरवरी तक इसे पूरी तरह लागू करने की संभावना है।
सराफ ने आगे पूरक सवाल करते हुए पूछा कि क्या महाराष्ट्र की तर्ज पर राजस्थान में भी “इमर्जेंसी प्रीडेटर प्रोटोकॉल” लागू किया जाएगा, जिसके तहत तेंदुए के शहर में प्रवेश का पता चलते ही प्रभावित क्षेत्र को तुरंत सील किया जाता है। इस पर संजय शर्मा ने कहा कि यह सुझाव स्वागत योग्य है और इस प्रोटोकॉल के लिए एसओपी इस वित्तीय वर्ष में जारी की जाएगी।
विधानसभा को जानकारी दी गई कि पिछले एक साल में जयपुर में सात जगहों पर तेंदुओं का मूवमेंट दर्ज किया गया। किसी भी मामले में इंसान की जान नहीं गई और वन विभाग ने तेंदुओं को सुरक्षित स्थान पर रेस्क्यू कर छोड़ दिया।
जयपुर में पिछले एक साल में तेंदुओं की मूवमेंट का विवरण:
| क्र.सं. | दिनांक | वन्यजीव | स्थान | कार्रवाई |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 07.02.25 | मादा तेंदुआ | हरिनगर, जगतपुरा | कॉलोनी के घर में मिली, ट्रैंकुलाइज कर जंगल जोन नं. 2, खिलावड़ा में छोड़ा गया। |
| 2 | 09.04.25 | मादा तेंदुआ | सेंट्रल पार्क | ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा गया। |
| 3 | 24.08.25 | नर तेंदुआ | गोपालपुरा पुलिस के पास, एन.टी. रोड | ट्रैंकुलाइज कर आमागढ़ वन क्षेत्र में छोड़ा गया। |
| 4 | 24.08.25 | तेंदुआ | MNIT CAMPUS, मालवीय नगर | लगातार मूवमेंट के कारण ट्रैंकुलाइज कर आमागढ़ वन क्षेत्र में छोड़ा गया। |
| 5 | 20.11.25 | नर तेंदुआ | सिविल लाइंस | ट्रैंकुलाइज कर केलादेवी में छोड़ा गया। |
| 6 | 28.11.25 | तेंदुआ | चांदपोल, सरोज सिनेमा के पास | ट्रैंकुलाइज कर खेड़ली-अलवर में छोड़ा गया। |
| 7 | 15.11.25 | तेंदुआ | गुर्जर घाटी | रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा गया। पोस्टमार्टम में चोटें पाई गईं, प्रकरण दर्ज कर जांच जारी। |
वन मंत्री संजय शर्मा ने सदन को आश्वस्त किया कि शहर में वन्यजीवों और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं और नई एसओपी के माध्यम से तेंदुओं के शहरी मूवमेंट को नियंत्रित किया जाएगा।