नेपाल के गोरखा जिले में एक भयानक सड़क दुर्घटना में सात भारतीय श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा तब हुआ जब श्रद्धालु मनोकामना मंदिर से लौट रहे थे। घटना के बाद आसपास का क्षेत्र अफरातफरी का माहौल बन गया। स्थानीय पुलिस और आपातकालीन बचाव दल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। दुर्घटना में कुछ नेपाली नागरिक भी घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।
पुलिस के अनुसार, यह दुर्घटना साहिद लखन ग्रामीण नगरपालिका के पास हुई। श्रद्धालुओं को ले जा रही एक माइक्रोबस अचानक सड़क पर नियंत्रण खो बैठी और लगभग 200 मीटर गहरी ढलान में गिर गई। बस में कुल 14 लोग सवार थे, जिनमें से सात की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। बाकी यात्रियों को गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।
मनोकामना मंदिर दर्शन के बाद हादसा
पुलिस ने बताया कि सभी यात्रियों ने मनोकामना मंदिर में दर्शन किया था और लौटते समय यह दुर्घटना घटी। वाहन को चितवन के कुरिनटार इलाके से मंदिर तक विशेष रूप से आरक्षित किया गया था। मंदिर दर्शन के बाद जब सभी वापस लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। मृतक और घायल अधिकांश भारतीय नागरिक बताए जा रहे हैं।
हादसे के कारण
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस के ब्रेक फेल होने से यह दुर्घटना हुई। वाहन में मौजूद एक कर्मचारी ने बताया कि रास्ते में ड्राइवर ने ब्रेक की खराबी की शिकायत पहले ही की थी, लेकिन उस समय यात्रियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसके अलावा, जिस मार्ग पर हादसा हुआ, वहां सड़क की स्थिति ठीक नहीं थी और पानी निकासी के लिए अस्थायी व्यवस्था की गई थी। इन कारणों से वाहन नियंत्रण खो बैठा।
घायलों का हाल
घायलों को तुरंत चितवन के भरतपुर स्थित कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि नौ घायलों को भर्ती किया गया है, जिनमें से पांच की हालत गंभीर है। तीन घायलों को न्यूरोसर्जरी आईसीयू में रखा गया है, जबकि दो का इलाज सर्जिकल आईसीयू में चल रहा है। बाकी घायल मरीजों का उपचार भी जारी है।
पुलिस और बचाव दल की कार्रवाई
दुर्घटना की सूचना मिलते ही नेपाल की सशस्त्र पुलिस बल और गोरखा जिला पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। उन्होंने घायलों को अस्पताल पहुंचाया और मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे। पुलिस ने हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं का परीक्षण किया जा रहा है।