भीषण गर्मी के दौर में इंसानों के साथ ही पशु पक्षी भी परेशान हैं। अब पानी की तलाश में रणथम्भौर के जंगलों से निकलकर बाघ बाघिन बाहर आने लगे हैं। ऐसा ही एक नजारा रणथंभौर में देखने को मिला।
रणथंभौर की लाडली नामन बाघिन टी-8 रणथंभौर के जंगल से निकलकर नेशनल हाईवे-552 टोंक चिरगांव पर आ पहुंची। बाघिन टी 8 पानी की तलाश में हाईवे स्थित कुशालीदर्रा पहुंच गई। बाघिन को देखकर मौके पर राहगीरों और वाहन चालकों की भीड़ लग गई। इस दौरान लोगों ने बाघिन के फोटो वीडियो बनाएं।
दरसल सोमवार शाम करीब 6.30 बजे बाघिन पहाड़ी के रास्ते कुशालीदर्रा आ पहुंची। यहां बाघिन ने नाले में पानी पीया। बाघिन करीब 30 मिनट तक पानी में ही बैठी रही। इस दौरान यहां हाईवे से गुजर रहे लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर वन विभाग के फलौदी रेंजर विष्णु गुप्ता मौके पर पहुंचे।
वन विभाग की टीम ने लोगों को मौके से हटाया। जिसके बाद बाघिन की ट्रेकिंग शुरू की गई। करीब आधा घंटे बाद बाघिन ने वापस जंगल का रूख किया। बाघिन लाड़ली टी 8 रणथम्भौर की उम्रदराज बाघिन है। उसकी उम्र करीब साढे़ सत्तरह साल है। बाघिन अब तक चार बार मां बन चुकी है। बाघिन ने प्रथम प्रसव में टी-61, टी-62 को जन्म दिया था। दूसरे प्रसव में टी-85, टी-86, तीसरे प्रसव में टी-108, टी-109 और चौथी प्रसव में टी-127, टी-128 व टी-129 को जन्म दिया था।