केकड़ी जिले में बघेरा से जूनिया के बीच बिछी हुई बीसलपुर पेयजल सप्लाई की 1100 मिमी व्यास की पाइप लाइन में लीकेज हो जाने से हजारों गैलन पानी व्यर्थ बहकर बर्बाद हो गया। वहीं लीकेज का पानी पाइप लाइन के आसपास के खेतों में भर गया, जिससे खेतों में उगाई हुई गेंहू व सरसों की फसलें पानी में डूब गई है। इससे फसलों के गलने के बुरे आसार बन गए हैं।

केकड़ी में बघेरा फिल्टर प्लांट से जूनिया गांव के बीच बिछी हुई 1100 मिमी व्यास की बीसलपुर पाइप लाइन के चेंबर में लीकेज के कारण आसपास के खेतों में पानी भर गया, जिससे ग्राम देवलिया खुर्द के किसानों की गेहूं और सरसों की फसलें पानी में डूब गई। गांव के किसान महावीर माली, जगदीश कुमावत और घीसा बैरवा ने बताया कि पाइपलाइन से लगातार पानी बहने से खेत लबालब हो गए। इससे फसलें खराब होने के कगार पर पहुंच गई है।

इन किसानों का कहना है कि पिछले दो-तीन दिनों से पाइप लाइन के लीकेज का पानी उनके खेतों में भरता रहा। खेतों में फसलों की सिंचाई का कार्य किसान पहले ही कर चुके हैं। अब लीकेज का अतिरिक्त पानी खेतों में आने से फसलें जलमग्न हो गई है। स्थिति यह है कि पानी को खेतों से बाहर निकालने का भी कोई साधन नहीं है, क्योंकि दूसरे किसान अपने खेतों से पानी नहीं निकलने दे रहे हैं।

काश्तकार महावीर माली ने कहा कि अगर समय रहते जलदाय विभाग ने लीकेज दुरुस्त कर दिया होता, तो न फसलें खराब होती और न ही हजारों गैलन पानी बर्बाद होता। अब किसानों का कहना है कि फसलें बर्बाद होती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? इस स्थिति में किसानों ने उच्च अधिकारियों को शिकायत कर मुआवजे की मांग की है।

पीएचईडी के एक्सईएन विक्रम गुर्जर ने कहा कि इस मामले की जानकारी अब मिली है। अधिकारियों को मौके पर भेजकर स्थिति का जायजा लिया जाएगा। वहीं जेईएन शिवलाल गुर्जर ने बताया कि शनिवार को बघेरा फिल्टर प्लांट से जूनिया क्षेत्र की पाइपलाइन के एक लीकेज को ठीक किया गया तथा रविवार को दूसरी जगह का लीकेज भी दुरुस्त कर दिया गया।

अगर और कहीं भी लीकेज की जानकारी मिलती है, तो उसे भी तुरन्त ठीक किया जाएगा। लीकेज से पेयजल आपूर्ति भी आंशिक रूप से बाधित रही। इसका असर केकड़ी, सावर, सरवाड़, भिनाय, मसूदा, अंराई, नसीराबाद, किशनगढ़ और बिजयनगर क्षेत्रों पर रहा।