उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने फर्जी कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये की GST चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में गिरोह का एक अहम सदस्य गिरफ्तार किया गया है, जिस पर करीब 200 करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व को नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
गिरफ्तार आरोपी और बरामद सामान
गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद अल्ताफ सोजतवाला, अहमदाबाद (गुजरात) का निवासी, को 26 मार्च की रात गायकवाड़ हवेली थाना क्षेत्र से पकड़ा गया। उसके कब्जे से लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और नकदी बरामद हुई, जो गिरोह के बड़े नेटवर्क के संचालन का संकेत देती हैं।
फर्जी कंपनियों के जरिए टैक्स चोरी
जांच में सामने आया कि अल्ताफ और उसके सहयोगी, जिनमें चार्टर्ड अकाउंटेंट आकाश पीयूष सोनी भी शामिल हैं, कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फर्मों का पंजीकरण कराते थे। इन फर्मों के जरिए फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार किए जाते थे, जिससे वास्तविक कारोबारियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) उपलब्ध कराया जाता और बड़े पैमाने पर GST की चोरी होती थी।
पहचान पत्र और दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल
पूछताछ में यह भी पता चला कि गिरोह लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके पहचान पत्र और दस्तावेज हासिल करता था। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी कंपनियां बनाई जातीं और बैंक खातों के जरिए लेनदेन दिखाया जाता, जिसे बाद में नकद या अन्य माध्यम से वापस किया जाता था।
गिरोह की सक्रियता और आगे की कार्रवाई
एसटीएफ के अनुसार, यह गिरोह गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में सक्रिय था। अलीगढ़ में दर्ज एक मुकदमे की जांच के दौरान इस नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसके बाद एसटीएफ ने कार्रवाई शुरू की।
पुलिस ने बताया कि आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर न्यायालय में पेश किया जाएगा। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई जारी है।