सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मतगणना में धांधली की आशंका जताई है। वाराणसी, सोनभद्र, बरेली सहित कई स्थानों पर ईवीएम पकड़े जाने का आरोप लाया है। यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव जिलाधिकारियों को फोन कर आदेश दे रहे हैं कि जहां भाजपा प्रत्याशी हार रहे हों अथवा पांच हजार से कम अंतर हो तो वहां वहां धीमी गति से गणना कराई जाए। ताकि रात होने पर गड़बड़ी करने का पर्याप्त समय मिल जाए। उन्होेंने दावा किया कि सीएम के प्रमुख सचिव की हरकत का उनके पास पुख्ता सबूत हैं। चुनाव आयोग ने सबूत मांगा तो उसे उपलब्ध कराएंगे।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि मतदान के रूझान देखने के बाद भाजपा में हताशा और निराशा है। पार्क सफाई की बात सामने आने के बाद वे तरह- तरह के हथकंडे अपनाना शुरू कर दिए हैं। सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि अयोध्या, वाराणसी दक्षिण सहित तमाम सीटों पर भी सपा को व्यापक जनसमर्थन मिला है। ऐसे में सरकार के इशारे पर कुछ अधिकारी षडयंत्र रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि वाराणसी के जिलाधिकारी पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। वहां के डीएम और कमिश्नर पहले भी संदेह के घेरे में रहे हैं। अधिकारियों की करतूत की वजह से कहीं कानून व्यवस्था प्रभावित हुई तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी। सपा अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव केदौरान कई जगह वरिष्ठ अधिकारियों की मनमानी पकड़ी गई।

चुनाव आयोग से लगातार शिकायतें की गईं, लेकिन चुनाव आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की। ओम प्रकाश राजभर और स्वामी प्रसाद मौर्य पर हमले के मामले में भी आयोग अभी तक कार्रवाई नहीं कर पाया है। करहल में भाजपा प्रत्याशी ने खुद अपनी गाड़ी तोड़ी। इसके सबूत देने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। आयोग को हर शिकायत लिखित में की जा रही है। ईवीएम पकडऩे के मामले में भी की जाएगी। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी नेताओं से बात कर अगला कदम उठाया जाएगा। जरूरत पड़ी तो कोर्ट भी जाएंगे।

एग्जिट पोल के जरिए चोरी पर पर्दा डालने का प्रयास
एग्जिट पोल का जिक्र करते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जमीनी हकीकत यह है कि भाजपा हार रही है। वह ईवीएम के जरिए चोरी करने का प्रयास कर रही है। एग्जिट पोल उसकी इसी चोरी पर पर्दा डालने का प्रयास है। उन्होंने सवाल किया कि एग्जिट पोल की हकीकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सत्ता में बैठे लोग जो बोल रहे हैं, वहीं एग्जिट पोल में है।

लोकतंत्र में आस्था रखने वालों से मांगी मदद
सपा अध्यक्ष ने अपील की कि पार्टी के कार्यकर्ता मतगणना के दौरन पूरी तरह से चौकन्ना रहे। लोकतंत्र में आस्था रखने वाले कर्मचारी, अधिकारी व अन्य लोग भी सहयोग करें। कहीं भी गड़बड़ी होने से रोकें। यह लोकतंत्र का आखिरी चुनाव है। तीन दिन तक रात दिन निगरानी करें। पोस्टल बैलेट की निगरानी के लिए प्रदेश कार्यलय से जानकारी दी गई है। उन पर पूरी तरह से अमल करें।

भाजपा ने कहा...
‘परिवारवाद के प्रतीक अखिलेश यादव का हार के भय से लोकतंत्र बचाने केलिए क्रांति की बात करना महज हास्यास्पद है। लोकतंत्र व संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं करने वाले अखिलेश के मुंह से लोकतंत्र की बात निरर्थक है। लोकतंत्र बचा है और बचेगा, सपा की गुंडागर्दी नहीं बचेगी।’
- केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री

‘जनता ने सपा को कर दिया है दफा, इसलिए अखिलेश यादव दस मार्च से पहले ही कहने लगे है ईवीएम बेवफा।’
- अनुराग ठाकुर, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री