अयोध्या: राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित गबन और चोरी के मामले के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं, ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने भी अपना पद छोड़ दिया है। दोनों के इस्तीफों की चर्चा पिछले कुछ दिनों से चल रही थी, जिसे अब आधिकारिक रूप से अमल में लाया गया है।

इसी बीच चढ़ावा राशि में कथित अनियमितताओं के मामले में पुलिस कार्रवाई भी तेज हो गई है। मामले में नामजद आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने सभी आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया है और उन्हें रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने की तैयारी की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि दर्ज मुकदमे की जांच विभिन्न पहलुओं से की जा रही है। जांच में विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट को भी शामिल किया जाएगा, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक पड़ताल हो सके। वहीं विपक्षी दलों ने एफआईआर में किसी बड़े ट्रस्ट पदाधिकारी का नाम शामिल न किए जाने पर सवाल उठाए हैं और जांच की पारदर्शिता को लेकर चिंता जताई है।

गौरतलब है कि कथित चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के करीब 19 दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई। एसआईटी की सिफारिश के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों को आरोपी बनाया। एफआईआर में ट्रस्ट से जुड़े कुछ कर्मचारियों और गणना कार्य से जुड़े व्यक्तियों पर साजिश के तहत चढ़ावा राशि में गड़बड़ी और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं।

मामले में नाम सामने आने के बाद पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। जांच एजेंसियां अब इस पूरे प्रकरण में धन के लेन-देन, जिम्मेदारियों और संभावित संलिप्तता की विस्तृत जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।