जम्मू-कश्मीर में आशूरा (मुहर्रम का 10वां दिन) के अवसर पर हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि देने का सिलसिला पूरे प्रदेश में देखने को मिला। इस मौके पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित कई प्रमुख नेताओं ने उनके बलिदान को नमन किया और उनके आदर्शों को याद किया।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि कर्बला की घटना सत्य, न्याय और मानवता की रक्षा का अमर संदेश देती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि समाज में शांति, भाईचारा और समानता जैसे मूल्यों को मजबूत किया जाए, ताकि एक बेहतर और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इमाम हुसैन और उनके साथियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि कर्बला का संदेश अन्याय के खिलाफ डटे रहने और नैतिक मूल्यों की रक्षा करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने इसे मानवता के लिए हमेशा मार्गदर्शक बताया।

इस अवसर पर नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती, सज्जाद लोन और मीरवाइज उमर फारूक सहित कई नेताओं ने भी इमाम हुसैन के बलिदान को सत्य, न्याय और धैर्य का प्रतीक बताया और श्रद्धांजलि दी।

श्रीनगर के जादीबल इलाके में आशूरा के मौके पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला स्वयं भी जुलूस में शामिल हुए। उन्होंने शोक सभा में भाग लिया और श्रद्धालुओं के लिए लगाए गए स्टॉल पर पहुंचकर सेवा भी की। इस दौरान बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग जुलूस में शामिल हुए और कर्बला के शहीदों को याद किया।