दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली और यमुना पार इलाके में सक्रिय एक संगठित अपराध गिरोह के सरगना को महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शुक्रवार को इस कार्रवाई की पुष्टि की।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान शब्बीर अली उर्फ शब्बीर चौधरी के रूप में हुई है, जो अप्रैल 2025 से मकोका से जुड़े एक मामले में फरार चल रहा था। स्पेशल सेल के डीसीपी प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि खुफिया इनपुट और तकनीकी निगरानी के आधार पर आरोपी को 14 जून को हरियाणा के शंभू बॉर्डर क्षेत्र से पकड़ा गया। उसके पास से एक कार और एक स्कूटी भी बरामद की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में गिरोह के नौ अन्य सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक शब्बीर चौधरी, हाशिम बाबा और अनवर चाचा गैंग का प्रमुख सरगना है।

यह गिरोह सीलमपुर, भजनपुरा, मौजपुर, शाहदरा सहित दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में सक्रिय है और रंगदारी, हत्या, हत्या के प्रयास तथा जमीन कब्जाने जैसे गंभीर अपराधों में शामिल रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के कुछ सदस्य नेपाल और दुबई से भी अपने नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मूल रूप से मुजफ्फरनगर का रहने वाला शब्बीर अली 1990 के दशक में अपराध की दुनिया में सक्रिय हुआ था। उसने सीलमपुर के हाजी अफजाल के साथ मिलकर शुरुआती दौर में अपराध गतिविधियां शुरू की थीं, जिसके बाद वह दिल्ली-एनसीआर में कई आपराधिक वारदातों में शामिल रहा।

बताया गया कि 2008 में अपने भाई की हत्या के बाद उसने अपनी आपराधिक गतिविधियां और तेज कर दीं। जेल में रहने के दौरान उसका संपर्क हाशिम बाबा और अनवर खान उर्फ चाचा जैसे कुख्यात अपराधियों से हुआ, जिसके बाद उसका नेटवर्क और मजबूत होता गया।

पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ पहले भी कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और उस पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। आगे की जांच जारी है।