उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा है कि यूपी देश का पहला राज्य है जहां पिछले सात वर्षों से बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। उन्होंने दावा किया कि राज्य देश में सबसे कम दरों पर बिजली उपलब्ध करा रहा है और बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता भी राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष श्रेणी में है।
बिजली व्यवस्था और रिकॉर्ड मांग का दावा
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश ने हाल ही में 32,673 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली मांग को सफलतापूर्वक पूरा कर एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है। उनके अनुसार यह राज्य की मजबूत बिजली व्यवस्था और बेहतर प्रबंधन को दर्शाता है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रदेश में लगभग 4,000 मेगावाट क्षमता के सोलर पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत करीब 2,500 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता जोड़ी जा रही है।
सोलर और EV चार्जिंग पर नई पहल
एके शर्मा ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की पब्लिक चार्जिंग व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए सोलर आवर्स के दौरान 20 प्रतिशत टैरिफ छूट लागू की गई है। इससे स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलेगा और उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी।
उन्होंने बताया कि पहले तापीय संयंत्र लगभग 65 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर पर संचालित होते थे, जो अब बढ़कर लगभग 85 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
उपभोक्ता परिषद की प्रतिक्रिया
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने ऊर्जा मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में उपभोक्ता हितैषी है तो बिजली दर बढ़ाने से जुड़े मामलों में पावर कॉरपोरेशन द्वारा दायर मुकदमे वापस लिए जाएं, ताकि उपभोक्ताओं को वास्तविक राहत मिल सके।
उन्होंने दावा किया कि पिछले सात वर्षों से बिजली दरों में वृद्धि न होने के पीछे उपभोक्ता परिषद के लगातार कानूनी और संवैधानिक प्रयासों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।