पूर्व आईपीएल खिलाड़ी और वर्तमान में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारी अमित मिश्रा के खिलाफ उनकी पत्नी, मॉडल गरिमा तिवारी, ने गंभीर आरोप लगाते हुए कोर्ट में परिवाद दाखिल किया है। आरोपों में दहेज उत्पीड़न, गाली‑गलौज, मारपीट और आत्महत्या के लिए उकसाना शामिल हैं। इससे पहले भी गरिमा ने घरेलू हिंसा और भरण‑पोषण के लिए मुकदमे दर्ज कराए थे।
परिवार के कई सदस्य शामिल
फीलखाना निवासी गरिमा तिवारी ने अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में पति अमित मिश्रा, सास बीना मिश्रा, ससुर शशिकांत मिश्रा, जेठ अमर मिश्रा, जेठानी रितु मिश्रा और ननद स्वाती मिश्रा के खिलाफ परिवाद पेश किया।
शादी और दहेज की मांग
गरिमा ने बताया कि उनकी शादी 26 अप्रैल 2021 को कानपुर क्लब में हुई थी। उनके ससुराल वालों ने हांडा सिटी कार और 10 लाख रुपये दहेज की मांग की। परिवार के दबाव में ढाई लाख रुपये देने के बाद ही विदाई संभव हुई। इसके बाद उन्हें किदवई नगर आरबीआई कॉलोनी ले जाया गया, जहाँ उनके पति और ससुराल के अन्य लोग लगातार अतिरिक्त दहेज की मांग करते रहे।
शारीरिक, मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न
गरिमा ने आरोप लगाया कि अमित मिश्रा अक्सर मॉडलिंग से मिलने वाली उनकी कमाई छीन लेते और अपने खाते में ट्रांसफर करवा लेते थे। शराब पीकर गाली‑गलौज और मारपीट होती थी, भूखा रखा जाता और तलाक की धमकी दी जाती थी। उन्होंने यह भी कहा कि अमित न केवल उन्हें बल्कि अन्य लड़कियों से भी अनुचित बातें करते थे, जिससे उन्हें मानसिक तनाव बढ़ा।
प्रताड़ना के चलते गरिमा अवसाद में चली गईं और मॉडलिंग का काम भी छोड़ना पड़ा। उन्होंने आत्महत्या की कोशिश भी की थी, जिसे समय पर परिवार ने रोका।
ससुराल से निष्कासन और मानसिक संकट
मार्च 2024 में दहेज की मांग पूरी न होने पर गरिमा को ससुराल से निकाल दिया गया। गरिमा और उनके माता‑पिता ने कई बार मामले को सुलझाने की कोशिश की, लेकिन ससुराल पक्ष अड़े रहे। प्रताड़ना के कारण गरिमा मानसिक रोग से पीड़ित हो गई हैं।
थाने में शिकायत, लेकिन कार्रवाई नहीं
गरिमा के वकील करीम अहमद सिद्दीकी ने बताया कि उन्होंने थाने में कई बार प्रार्थना पत्र दिया, और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तब उन्होंने कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया।