लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षा मित्र, अनुदेशक, आंगनवाड़ी और आशा वर्कर्स के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान घोषणा की कि प्रदेश सरकार इन सभी वर्गों का मानदेय बढ़ाएगी। माना जा रहा है कि यह फैसला 2027 विधानसभा चुनाव से पहले विभिन्न वर्गों को संतुष्ट करने के प्रयास के तहत लिया गया है।

मानदेय वृद्धि का इतिहास और वर्तमान स्थिति

यूपी में शिक्षा मित्र और अनुदेशक का मानदेय 2017 में 3,500 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति माह किया गया था। इसके बाद पिछले 9 सालों से यह मानदेय स्थिर है। वहीं, आंगनवाड़ी और आशा वर्कर्स का वर्तमान मानदेय 2,500 से 3,500 रुपये प्रति माह के बीच है। प्रदेश में वर्तमान में लगभग 1.70 लाख आशा वर्कर्स और 1.47 लाख शिक्षा मित्र कार्यरत हैं, जिनके लिए यह घोषणा महत्वपूर्ण है।

कितनी बढ़ोतरी हो सकती है?

मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार शिक्षा मित्र और अनुदेशक के मानदेय में अनुमानित 2,000 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी की संभावना है। इस कदम से प्रदेश के 28,000 से अधिक अनुदेशक और 1.47 लाख शिक्षा मित्र लाभान्वित होंगे।

अप्रैल से शिक्षकों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा

इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही शिक्षकों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की घोषणा कर दी है। इसके तहत शिक्षकों और उनके परिवारों को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध होगा। यह सुविधा अप्रैल 2026 से लागू होगी।