नई दिल्ली/वाराणसी। संसद में हुई टिप्पणी को लेकर सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने तीखा पलटवार करते हुए उन्हें खुली चुनौती दे दी। वाराणसी में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव में दम है तो वे अपनी पारंपरिक सीट छोड़कर गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं।

स्मृति ईरानी ने कहा कि विरासत में मिली राजनीति करना आसान होता है, लेकिन असली चुनौती तब होती है जब कोई नेता दूसरे के गढ़ में जाकर जीत हासिल करे। उन्होंने अपने उदाहरण का हवाला देते हुए कहा कि एक कामकाजी महिला होने के बावजूद उन्होंने कांग्रेस के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष को हराया और अपनी पहचान खुद बनाई है।

उन्होंने यह भी कहा कि कामकाजी महिलाओं पर टिप्पणी करना आसान होता है, लेकिन असलियत में मैदान में उतरकर संघर्ष करना ही किसी नेता की असली परीक्षा होती है। साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव का विपक्ष में बने रहना लगभग तय है।

स्मृति ईरानी ने अखिलेश यादव के संसद में दिए गए बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। दरअसल, महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए ‘सास-बहू’ वाली टिप्पणी की थी, जिसे लेकर अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।

ईरानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अखिलेश यादव को गंभीर संसदीय मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए और महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े विधेयकों को आगे बढ़ाने में योगदान देना चाहिए, न कि हल्की-फुल्की टिप्पणियों में समय बिताना चाहिए।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है और इसे आगामी चुनावी राजनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।