मुजफ्फरनगर। नगर में एक महिला सफाई कर्मचारी ने अपने ही विभाग के सुपरवाइजर पर गंभीर आरोप लगाते हुए सनसनी फैला दी है। पीड़िता का कहना है कि उसे कागजात जमा कराने के बहाने एक सुनसान मकान में बुलाकर उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की गई।
शुक्रवार को पीड़िता अपने दिव्यांग पति के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंची और मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। महिला के अनुसार, आरोपी सुपरवाइजर ने फोन कर उसे आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज लेकर बताए गए स्थान पर बुलाया था।
आरोप है कि जब वह मौके पर पहुंची तो उसे एक बंद मकान के अंदर भेज दिया गया, जहां आरोपी पहले से मौजूद था और कथित तौर पर शराब के नशे में था। जैसे ही महिला अंदर पहुंची, आरोपी ने उसके साथ गलत हरकत करने और जबरन रोकने की कोशिश की। किसी तरह महिला वहां से बचकर बाहर निकलने में सफल रही।

पीड़िता का यह भी आरोप है कि जब वह शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंची तो उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई और उसे एक थाने से दूसरे थाने भेजा गया, जिससे उसे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बाद कथित तौर पर उसकी ड्यूटी भी बदल दी गई।
मामले में आर्थिक शोषण के भी आरोप सामने आए हैं। महिला का कहना है कि आरोपी ने उसकी बेटी को नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 70 हजार रुपये लिए थे, लेकिन एक साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो नौकरी दिलाई गई और न ही पैसे लौटाए गए।
पीड़िता का आरोप है कि शिकायत करने पर उसे धमकियां भी दी जा रही हैं और नौकरी से निकलवाने व जान से मारने की धमकी दी जा रही है। लगातार अनदेखी से परेशान होकर वह एसएसपी कार्यालय पहुंची और न्याय की गुहार लगाई।
वहीं, आरोपी सुपरवाइजर दीपक ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि ड्यूटी परिवर्तन के बाद उनके खिलाफ गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।