पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और लेबनान में लागू सीजफायर के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक अहम घोषणा की है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि सीजफायर समझौते के अनुरूप इस समुद्री मार्ग से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही को पूरी तरह खोल दिया गया है।

विदेश मंत्री ने बताया कि यह व्यवस्था सीजफायर की अवधि तक लागू रहेगी और पहले से तय समन्वित समुद्री मार्ग के तहत सभी व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित आवागमन की अनुमति दी जाएगी। इस मार्ग का संचालन ईरान के पोर्ट्स एंड मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन द्वारा किया जा रहा है।

इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों में भी हलचल देखी जा रही है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल और गैस आपूर्ति मार्गों में से एक माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को राहत मिल सकती है और क्षेत्रीय तनाव में कुछ कमी आने की संभावना है।

इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान ने जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोल दिया है और यह वैश्विक व्यापार के लिए सकारात्मक संकेत है।

अमेरिकी सेना की ओर से यह भी दावा किया गया है कि ईरान के बंदरगाहों से निकलने की कोशिश कर रहे 13 जहाजों को वापस भेज दिया गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, सोमवार से जारी निगरानी के बाद अब तक किसी भी जहाज को मार्ग से आगे बढ़ने नहीं दिया गया है।

वहीं अमेरिकी राजनीति में ईरान को लेकर एक प्रस्ताव भी चर्चा में रहा, जिसमें सैन्य कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई थी। हालांकि प्रतिनिधि सभा ने इस प्रस्ताव को बेहद कम अंतर से खारिज कर दिया। वोटिंग में 214 मत इसके खिलाफ और 213 मत समर्थन में पड़े।