लखनऊ: प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए कार्रवाई को और तेज कर दिया गया है। शुक्रवार को जिला स्तर पर गठित प्रवर्तन दलों ने 1,483 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की। इस दौरान एलपीजी वितरकों के खिलाफ चार एफआईआर दर्ज की गई।

इसके अलावा, गैस कालाबाजारी में संलिप्त पाए गए अन्य व्यक्तियों के खिलाफ 20 एफआईआर दर्ज कराए गए और छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसी के साथ 19 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

प्रदेश भर में निरीक्षण और निगरानी
पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति और वितरण पर नजर रखने के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इस रूम में खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी और कर्मचारी तैनात हैं, जो पेट्रोल, डीजल और एलपीजी वितरण की सूचना और समस्याओं का समाधान करने में लगे हैं। जिलों में भी ऐसे कंट्रोल रूम बनाकर निगरानी कड़ी कर दी गई है।

एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति
खाद्य एवं रसद विभाग के मुताबिक शुक्रवार को प्रदेश में 4,108 एलपीजी वितरकों के माध्यम से ग्राहकों को उनकी बुकिंग के अनुसार सिलेंडर उपलब्ध कराए गए। सभी वितरकों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद था।

इसके अलावा, भारत सरकार ने वाणिज्यिक सिलेंडरों के लिए कुल खपत का 20 प्रतिशत आवंटन करने की अनुमति दी है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में गैस की आपूर्ति बाधित न हो।