मेरठ। जम्मू-कश्मीर में तैनात भारतीय सेना के हवलदार राहुल का पार्थिव शरीर सोमवार सुबह 11 बजे उनके पैतृक गांव भड़ौली पहुंचा। जैसे ही यह खबर फैली, गांव में अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोग जुट गए। सेना ने राहुल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया, जबकि पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल, पूर्व ब्लॉक प्रमुख देवेंद्र गुर्जर और अन्य स्थानीय नेता भी श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे। पांच साल के बेटे दिव्यांश ने अपने पिता को मुखाग्नि दी।
राहुल के बुआ के बेटे पवन गुर्जर ने बताया कि राहुल 2016 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और उनके पोस्टिंग के दौरान कई जगह तैनाती रही। करीब छह साल पहले उनकी शादी अमरोहा निवासी सोनल से हुई थी। राहुल के परिवार में उनका पांच वर्षीय बेटा दिव्यांश, दो भाई—धीरज और अंकुर—और चार बहनें हैं।
पवन ने आगे बताया कि रविवार को राहुल की यूनिट से सूचना आई कि हवलदार राहुल का हिमाचल प्रदेश के डमटाल में सड़क हादसे में निधन हो गया है। इस दुखद खबर से परिवार में मातम फैल गया। सोमवार को उनका पार्थिव शरीर भड़ौली लाया गया और गांव में ही अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बेटे दिव्यांश ने पिता के मुंह में गंगाजल डाला, और मौजूद सभी लोग भावुक हो उठे।
अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों ने “जब तक सूरज चांद रहेगा, राहुल तेरा नाम रहेगा” के जयकारे लगाए। सेना के अधिकारियों ने पिता हेम सिंह और भाई को तिरंगा भेंट कर सम्मानित किया। पिता हेम सिंह ने कहा कि राहुल ने देश की सेवा करते हुए अपने प्राण अर्पित किए। अंतिम संस्कार में सभी परिवारजन और ग्रामीण अत्यंत भावुक नजर आए।