हरियाणा: प्रदेश में बुधवार दोपहर से मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण मौसम में तेजी से बदलाव देखा गया। प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में आकाश में बादल छाए रहे। हिसार, महेंद्रगढ़, भिवानी, चरखी-दादरी और मेवात में बूंदाबांदी हुई, जबकि कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी दर्ज की गई।
तेज हवाओं के कारण कई जिलों में गेहूं की फसल गिर गई। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के सभी जिलों में रात का तापमान 13 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। हिसार का न्यूनतम तापमान 13.1 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.7 डिग्री कम है।
तेज हवाओं और ओलावृष्टि की घटनाएँ
बुधवार को सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी-दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और गुरुग्राम में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जिलों में गरज-चमक के साथ एक-दो स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि इस पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अगले दो-तीन दिनों तक बना रहेगा। 21 मार्च को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और एक-दो स्थानों पर ओलावृष्टि की गतिविधियां भी संभव हैं।
मार्च में मौसम रहेगा कूल
मार्च के दूसरे पखवाड़े में पश्चिमी विक्षोभ का असर जारी रहेगा, जिससे अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है। बुधवार को प्रदेशभर में अधिकतम तापमान 29 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। हिसार में अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री रहा, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम है।
इसके पहले मार्च के पहले सप्ताह में हिसार का अधिकतम तापमान 37.9 डिग्री तक पहुँच गया था, जिससे यह महीना पहले की तुलना में अब अपेक्षाकृत ठंडा रहा।