मुजफ्फरनगर में दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 पर लगातार हो रहे सड़क हादसों और जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए पुलिस और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने संयुक्त रूप से एक विशेष टीम का गठन किया है, जिसे “हाईवे आर्मी” नाम दिया गया है।

एसपी सिटी अमृत जैन के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य हाईवे पर दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान कर उन्हें कम करना है। इसके लिए उन्होंने NHAI अधिकारियों के साथ पूरे मार्ग का विस्तृत सर्वे किया और जोखिम वाले स्थानों को चिन्हित किया।

इस विशेष टीम में सीओ खतौली, सीओ नई मंडी, सीओ सदर के साथ-साथ NHAI के इंजीनियर और अन्य अधिकारी शामिल हैं। टीम ने खतौली के मेरठ बॉर्डर से लेकर पुरकाजी के उत्तराखंड सीमा तक पूरे हाईवे का निरीक्षण किया। जांच के दौरान मार्ग को पांच-पांच किलोमीटर के हिस्सों में विभाजित कर अलग-अलग बिंदुओं पर स्थिति का आकलन किया गया।


सर्वे के दौरान कई ऐसे स्थान सामने आए जहां सड़क डिजाइन, साइन बोर्ड, रिफ्लेक्टर और अन्य सुरक्षा मानकों की कमी पाई गई। इसके अलावा रात के समय कम रोशनी और विजिबिलिटी भी दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण माना गया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को सुरक्षा उपाय बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

एसपी सिटी ने बताया कि हाईवे पर तेज रफ्तार, बिना हेलमेट वाहन चलाना और ट्रिपल राइडिंग जैसी लापरवाहियां भी दुर्घटनाओं की प्रमुख वजह बन रही हैं। इन्हें रोकने के लिए पुलिस जल्द ही व्यापक जागरूकता अभियान चलाएगी।

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में अब तक इस हाईवे पर कई हादसों में 8 से 10 लोगों की जान जा चुकी है। प्रशासन का लक्ष्य सड़क सुरक्षा को मजबूत कर “जीरो कैजुअल्टी” की दिशा में काम करना है, ताकि भविष्य में हादसों को पूरी तरह कम किया जा सके।