मुजफ्फरनगर की सृष्टि सिंह ने भारतीय नौसेना में अधिकारी बनकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। वह उस ऐतिहासिक एनडीए बैच का हिस्सा रही हैं, जिसमें पहली बार महिलाओं को स्थायी कमीशन के लिए चयनित किया गया था।
कड़े सैन्य प्रशिक्षण के चार साल पूरे करने के बाद सृष्टि सिंह को भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त किया गया है। वह उन 17 महिला अभ्यर्थियों में शामिल रही हैं, जिन्हें राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में महिलाओं की पहली प्रवेश प्रक्रिया के तहत चुना गया था। उनकी यह उपलब्धि एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

पहली बार महिलाओं के लिए खुला था एनडीए का द्वार
साल 2022 में पहली बार महिलाओं को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रवेश का अवसर मिला था। इसी ऐतिहासिक बैच में सृष्टि का चयन हुआ। उन्होंने पुणे स्थित एनडीए में तीन वर्ष का प्रशिक्षण प्राप्त किया और इसके बाद केरल के एझिमाला स्थित भारतीय नौसेना अकादमी में एक वर्ष का विशेष नौसेना प्रशिक्षण पूरा किया।
चार साल की मेहनत का मिला परिणाम
लगातार अनुशासन, कठिन प्रशिक्षण और सैन्य जीवन की चुनौतियों से गुजरते हुए सृष्टि सिंह ने यह सफलता हासिल की। नियुक्ति के बाद उनके परिवार में खुशी का माहौल है। उनके पिता रणवीर सिंह एक वाहन कंपनी में महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता प्रियंका चौधरी भारतीय जीवन बीमा निगम से जुड़ी हैं। उनके बड़े भाई रेलवे डाक सेवा में कार्यरत हैं।
जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा
सृष्टि ने अपनी शुरुआती पढ़ाई होली एंजेल कॉन्वेंट स्कूल से की थी। उनकी यह उपलब्धि महिला सशक्तिकरण और सशस्त्र बलों में बढ़ती भागीदारी का उदाहरण मानी जा रही है। उनकी सफलता से खासकर युवतियों को सेना में करियर बनाने की नई प्रेरणा मिली है।