मुजफ्फरनगर: मानसून सीजन को देखते हुए मुजफ्फरनगर जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार शाम कलेक्ट्रेट स्थित जिला पंचायत सभागार में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों की तैयारियों का आकलन किया गया।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और राहत व्यवस्था की समीक्षा

बैठक के दौरान संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों, राहत शिविरों, बाढ़ चौकियों, तटबंधों और आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा संक्रामक रोगों की रोकथाम और राहत कार्यों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।


जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग समय रहते अपनी व्यवस्थाएं पूरी कर लें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में जनहानि या संपत्ति के नुकसान को रोकना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

स्वास्थ्य, सड़क और बिजली व्यवस्था पर विशेष जोर

डीएम ने लोक निर्माण विभाग को संवेदनशील सड़कों का सर्वेक्षण पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाइयों और चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। बिजली विभाग को भी संभावित आपात हालात से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए।


उन्होंने यह भी कहा कि बाढ़ की स्थिति में राहत सामग्री वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

गोताखोरों और पंपिंग सेट की व्यवस्था के निर्देश

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में गोताखोरों की सूची तैयार करने और जरूरत पड़ने पर अस्थायी पंपिंग सेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

पशुधन की सुरक्षा पर भी फोकस

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को पशुओं के टीकाकरण, चारे और उपचार की पर्याप्त व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि बाढ़ के दौरान पशुधन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में पुलिस, सिंचाई, स्वास्थ्य, विद्युत, शिक्षा, पूर्ति, विकास, राहत और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे और अपने-अपने विभागों की तैयारियों की जानकारी दी।