मुजफ्फरनगर। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद देशभर में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी क्रम में मुजफ्फरनगर में भी सियासी माहौल गर्म दिखाई दिया, जहां समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान और भाजपा नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।

दोनों नेता छछरपुर गांव पहुंचे थे, जहां हाल ही में हुए सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई थी। पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त करने के बाद दोनों नेताओं ने मीडिया से बातचीत में पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों पर भी अपनी राय रखी।

सपा विधायक ने उठाए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल

अतुल प्रधान ने चुनाव आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के अधिकारों की अनदेखी हुई है और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रही।


उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में निष्पक्ष चुनाव नहीं कराए गए और प्रशासनिक तंत्र के प्रभाव से जनमत को प्रभावित करने की कोशिश की गई। अतुल प्रधान ने चुनाव आयोग की कार्यशैली पर टिप्पणी करते हुए इसे “प्रशासनिक दबाव में काम करने वाला तंत्र” बताया और कहा कि लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव सबसे महत्वपूर्ण हैं।

इसके साथ ही उन्होंने मीडिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि असली मुद्दों की जगह जाति और धर्म आधारित बहस को बढ़ावा दिया जा रहा है।

भाजपा नेता ने बताया ऐतिहासिक जीत

वहीं भाजपा नेता डॉ. संजीव बालियान ने पश्चिम बंगाल में पार्टी की सफलता को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि यह जीत पार्टी के वैचारिक संघर्ष और लंबे प्रयासों का परिणाम है, जो अब जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है।

बालियान ने कहा कि इस परिणाम से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह है और आने वाले समय में राज्य विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।

ममता बनर्जी पर दिया बयान

ममता बनर्जी को लेकर पूछे गए सवाल पर डॉ. बालियान ने कहा कि वह देश की वरिष्ठ नेता हैं और लंबे समय से मुख्यमंत्री के पद पर कार्यरत रही हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है और उसे स्वीकार करना सभी की जिम्मेदारी है।