मुजफ्फरनगर में साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह खुद को सीबीआई और कस्टम विभाग के अधिकारी बताकर लोगों को डराकर ऑनलाइन ठगी करता था। शाहपुर पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से फर्जी पहचान पत्र, नकली सर्च वारंट, बैंकिंग दस्तावेज, मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड और 2 लाख 760 रुपये नकद बरामद हुए हैं।

एसएसपी संजय कुमार वर्मा के अनुसार मामला शाहपुर थाना क्षेत्र के हजूरनगर का है। पीड़िता इकरा की पहचान सोशल मीडिया ऐप MOJ के जरिए हिदायतुल्लाह खान नाम के व्यक्ति से हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपियों ने धीरे-धीरे उसका विश्वास जीत लिया।

जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले पीड़िता को “बहन” बनाकर भावनात्मक रूप से जोड़ा और भरोसा कायम किया। इसके बाद उसे महंगे गिफ्ट भेजने का झांसा देकर कस्टम और सीबीआई जांच का डर दिखाना शुरू किया गया।

एसएसपी ने बताया कि ठगों ने फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर नकली पहचान पत्र और सर्च वारंट भेजे, जिससे पीड़िता और उसके परिवार में डर का माहौल बन गया। इसी दबाव में आकर उनसे अलग-अलग बैंक खातों में करीब 5 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए।

मामला सामने आने के बाद शाहपुर पुलिस और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दिल्ली और बिजनौर से जुड़े इस गिरोह के दो सदस्यों रोजी और मंसूर अहमद को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे इसी तरह कई अन्य लोगों को भी निशाना बना चुके हैं।

पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। आशंका जताई जा रही है कि यह एक संगठित साइबर ठगी गिरोह है, जो सोशल मीडिया के जरिए लोगों को फंसाकर ब्लैकमेलिंग और उगाही करता है। मामले की जांच इस दिशा में भी हो रही है कि कहीं इसके तार किसी बड़े अंतरराज्यीय साइबर नेटवर्क से तो नहीं जुड़े हैं।