मुजफ्फरनगर में किसानों के लिए सरकारी सब्सिडी पर उपलब्ध यूरिया खाद की कालाबाजारी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इस नेटवर्क के दो अहम आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ‘ऑपरेशन किसान प्रहरी’ के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के मुख्य सप्लायर और प्रमुख डिस्ट्रीब्यूटर को दबोच लिया है। इससे पहले इसी मामले में आठ अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

एसपी देहात महादिक अक्षय संजय के नेतृत्व में थाना जानसठ पुलिस और एसओजी देहात की संयुक्त टीम ने 1 जून को इस रैकेट का भंडाफोड़ किया था। उस दौरान पुलिस ने 20.43 हजार किलोग्राम अनुदानित यूरिया, चार वाहन और आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। शुरुआती जांच में सामने आया था कि यह गिरोह किसानों के लिए निर्धारित यूरिया को सस्ते दामों पर खरीदकर हरियाणा के यमुनानगर में जमा करता था और फिर उसे औद्योगिक इकाइयों और फैक्ट्रियों को ऊंचे दामों पर बेच देता था।


जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने पूरे नेटवर्क की फॉरवर्ड और बैकवर्ड कड़ियों को खंगाला, जिसके आधार पर हरिद्वार जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के रायसिंह गांव निवासी संजय पुत्र बचन सिंह को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, संजय इस अवैध कारोबार का मुख्य सप्लायर था, जो मुजफ्फरनगर के कई लाइसेंसी खाद विक्रेताओं से यूरिया खरीदकर आगे सप्लाई करता था।

इसके साथ ही पुलिस ने करहेड़ा निवासी सुन्दर देव कपिल को भी गिरफ्तार किया है, जो एक लाइसेंसी खाद दुकान का मुख्य डिस्ट्रीब्यूटर बताया जा रहा है। इन दोनों की गिरफ्तारी से इस पूरे नेटवर्क की कई अहम कड़ियां सामने आने की उम्मीद है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि पिछले करीब छह महीनों में यह गिरोह लगभग 15.12 लाख किलोग्राम सब्सिडी वाली यूरिया की कालाबाजारी कर चुका है। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लाइसेंसधारकों, परिवहनकर्ताओं और लाभार्थियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है। एसपी देहात ने साफ किया है कि किसानों के हक पर डाका डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।