मुजफ्फरनगर में जून की शुरुआत के साथ ही गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान लगभग 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि उमस और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवा भी मौसम में खास राहत नहीं दे सकी।

तेज धूप के कारण दोपहर के समय शहर की सड़कों पर आम दिनों की तुलना में काफी कम आवाजाही देखने को मिली। जो सड़कें सामान्यतः भीड़भाड़ से भरी रहती हैं, वहां भी सन्नाटा जैसा माहौल रहा और केवल जरूरतमंद लोग ही बाहर निकलते नजर आए।


लोगों ने गर्मी से बचने के लिए अलग-अलग उपाय अपनाए हुए हैं। कई लोग छाते, टोपी, गमछे, गॉगल्स और मास्क का सहारा ले रहे हैं। वहीं दोपहिया वाहन चालक तेज धूप से बचने के लिए अपने चेहरे और शरीर को पूरी तरह ढककर यात्रा कर रहे हैं। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोग अक्सर छायादार स्थानों में रुककर धूप से राहत पाने की कोशिश करते दिखे।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के खतरे को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। चिकित्सकों का कहना है कि लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए, हल्के और ढीले कपड़े पहनने चाहिए तथा दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए।