मुजफ्फरनगर में बुधवार को मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं और बिजली की चमक के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिससे दो दिन की बूंदाबांदी और आंधी के बाद पूरे जिले का मौसम पूरी तरह बदल गया।
बारिश के साथ चल रही ठंडी हवाओं के कारण तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। पारा लगभग 19 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली और वातावरण में ठंडक का एहसास हुआ।
शहर में जलभराव और आवागमन प्रभावित
तेज बारिश के कारण शहर की सड़कों पर जलभराव हो गया। इससे आवागमन प्रभावित हुआ और विशेष रूप से दुपहिया वाहन चालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जलभराव और फिसलन की वजह से हादसों का खतरा भी बढ़ गया।
किसानों और कारोबारियों की बढ़ी चिंता
किसानों के लिए यह बारिश चिंता का कारण बनी। खेतों में खड़ी या कटी हुई गेहूं की फसल भीग गई, जिससे नुकसान की आशंका है। वहीं, खेतों में रखा भूसा भी खराब हो गया है।
ईंट भट्टा व्यवसायियों के लिए भी यह मौसम हानिकारक साबित हुआ। भट्टों पर तैयार की जा रही कच्ची ईंटें बारिश से भीग गईं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान होने का डर है।
संतुलित असर
सडकों और फसलों पर असर के बावजूद, बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी। लेकिन शहर में जलभराव और किसानों की बढ़ती चिंताएं स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना रही हैं।