मुजफ्फरनगर। 11वीं कक्षा के एक छात्र की मौत की घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार वर्मा ने अभिभावकों और छात्रों से भावुक अपील की है। यह मामला शिक्षा व्यवस्था और बच्चों पर बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर गंभीर बहस को जन्म दे रहा है।

SSP संजय कुमार वर्मा ने इस घटना को बेहद दुखद और चिंताजनक बताते हुए कहा कि जीवन किसी भी परीक्षा या परिणाम से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि किसी एक असफलता को जीवन का अंत मान लेना एक खतरनाक सोच है, जिससे बचना बेहद जरूरी है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और असफलता की स्थिति में उनका मनोबल गिराने के बजाय उन्हें प्रोत्साहित करें। उनके अनुसार, छोटी-छोटी बातें भी बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल सकती हैं और उन्हें गलत कदम उठाने के लिए मजबूर कर सकती हैं।
एसएसपी ने कहा कि असफलता वास्तव में सफलता की प्रक्रिया का हिस्सा है और बच्चों को बार-बार प्रयास करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई लोग शुरुआती असफलताओं के बावजूद जीवन में उच्च पदों तक पहुंचे हैं, इसलिए एक परीक्षा का परिणाम जीवन का अंतिम फैसला नहीं हो सकता।
यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है, जहां 11वीं के एक छात्र ने परीक्षा परिणाम से निराश होकर आत्मघाती कदम उठाया था। घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है और समाज में यह सवाल उठ रहा है कि क्या मौजूदा शिक्षा प्रणाली और सामाजिक माहौल बच्चों को असफलता स्वीकार करने के लिए पर्याप्त रूप से तैयार कर पा रहा है।