मुजफ्फरनगर में नगर पालिका के बकाया नोटिस को लेकर शुरू हुआ विवाद बुधवार को बड़े बवाल में बदल गया। मामले में कांग्रेस नेता जमील अंसारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उन पर नगर पालिका कर्मचारियों से अभद्रता करने और अधिशासी अधिकारी (ईओ) को फोन पर धमकी देने के आरोप हैं।

पूरा विवाद तब बढ़ा जब 4.5 लाख रुपये के बकाया किराए से जुड़े नोटिस को लेकर नगर पालिका कर्मचारी जमील अंसारी के आवास पर पहुंचे। आरोप है कि इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद नगर पालिका कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने प्रतिक्रिया में कांग्रेस नेता के घर के बाहर कूड़ा डाल दिया।

इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई। सफाई कर्मचारी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ और कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन हालात काबू में करने के दौरान पुलिस और कर्मचारियों के बीच भी धक्का-मुक्की और नोकझोंक हो गई।


मामला बढ़ता देख पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए लाठीचार्ज किया और सफाई कर्मचारी यूनियन के कुछ पदाधिकारियों को हिरासत में ले लिया। करीब 10 घंटे तक चले इस पूरे घटनाक्रम से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

बाद में उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को शांत कराया गया। अधिकारियों ने मामले की जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद कर्मचारियों का गुस्सा शांत हुआ।

इसी बीच पुलिस ने कांग्रेस नेता जमील अंसारी के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, गाली-गलौज और धमकी देने समेत कई धाराओं में कार्रवाई की गई है। बाद में उन्हें अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

विवाद का केंद्र बनी संपत्ति को लेकर भी परिवार की ओर से अलग दावा किया गया है, जिसमें कहा गया है कि वर्षों से विवादित जगह का उपयोग स्पष्ट नहीं रहा है और नोटिस प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए हैं। वहीं नगर पालिका का कहना है कि कार्रवाई नियमों के तहत की गई थी।

फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।