मुज़फ्फरनगर में आयोजित जिला पंचायत सभागार के किसान समाधान दिवस के दौरान उस समय माहौल भावुक और गंभीर हो गया, जब एक किसान ने अपनी समस्या से परेशान होकर आत्महत्या की अनुमति मांग ली।

लछेड़ा गांव से आए इस किसान ने बताया कि वह लंबे समय से चकबंदी विवाद में उलझा हुआ है, लेकिन लगातार शिकायतों के बावजूद उसकी समस्या का कोई समाधान नहीं निकल पा रहा है। इससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो चुका है।

किसान ने अधिकारियों के सामने कहा कि यदि उसकी समस्या का समाधान नहीं हो सकता तो उसे आत्महत्या करने की अनुमति दी जाए। यह सुनते ही सभागार में मौजूद सभी अधिकारी और किसान कुछ समय के लिए स्तब्ध रह गए और माहौल में सन्नाटा छा गया।


मौके पर मौजूद एडीएम प्रशासन संजय कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने किसान को शांत कराया और भरोसा दिलाया कि उसकी शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाएगा और जल्द समाधान की कोशिश की जाएगी।

कार्यक्रम में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से आए किसानों ने भी चकबंदी, बिजली आपूर्ति और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याएं रखीं। कई किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि जांच और सत्यापन के नाम पर उन्हें अनावश्यक परेशान किया जा रहा है।

समाधान दिवस में सभी शिकायतों को दर्ज कर संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए, लेकिन चकबंदी से जुड़े पुराने मामलों के समाधान को लेकर किसानों की उम्मीदें अब भी प्रशासन पर टिकी हुई हैं।