मुजफ्फरनगर के सिखेड़ा थाना क्षेत्र के बेहड़ा आस्सा गांव से लापता हुए विकसित उर्फ रॉकी का मामला अब तेजी से तूल पकड़ता जा रहा है। पत्नी और उसके पूर्व पति के बेटे पर हत्या और शव छिपाने का शक जताए जाने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया है। गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवार के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
गांव से आए लोगों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के सामने सिखेड़ा पुलिस की जांच पर सवाल उठाए। परिजनों का कहना है कि कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस केवल गुमशुदगी की रिपोर्ट तक सीमित है, जबकि मामला संदिग्ध परिस्थितियों से जुड़ा हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि समय रहते ठोस कदम उठाए जाते तो अब तक रॉकी का पता लगाया जा सकता था।

स्थिति को देखते हुए एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवार और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि पुलिस हर संभावित एंगल से जांच कर रही है। उन्होंने 48 घंटे के भीतर प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश दिए और पूरे मामले की जिम्मेदारी सीओ नई मंडी राजू कुमार साव को सौंपी।
एसएसपी ने मौके पर ही सीओ और सिखेड़ा थाना प्रभारी विजय कुमार से फोन पर बातचीत कर जांच की वर्तमान स्थिति जानी। इसके बाद ग्रामीणों की मुलाकात सीओ से भी हुई, जहां उन्होंने मामले को प्राथमिकता पर लेते हुए एक विशेष टीम गठित कर दी और जल्द से जल्द बरामदगी के निर्देश जारी किए।
इसी बीच जांच में एक नया मोड़ भी सामने आया है। पुलिस जब पीड़ित परिवार के साथ बागपत के बड़ौत स्थित रॉकी की कथित दूसरी पत्नी रेणु के घर पहुंची तो वहां ताला लटका मिला। रेणु सहित उसके बेटे और बेटी के मोबाइल भी लगातार बंद बताए जा रहे हैं, जिससे मामले को लेकर संदेह और गहरा गया है।
गांव में बढ़ा तनाव, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
रॉकी के पिता मगन सिंह का कहना है कि उनका बेटा 18 मई को पत्नी रेणु के साथ ऋषिकेश जाने की बात कहकर घर से निकला था, जिसके बाद से वह लापता है। परिवार का आरोप है कि रेणु के बयान लगातार बदल रहे हैं और अब उसका पूरा परिवार भी गायब है।
स्थिति तनावपूर्ण, निगाहें 48 घंटे की डेडलाइन पर
फिलहाल पूरे गांव में तनाव का माहौल है और लोग पुलिस की 48 घंटे की डेडलाइन पर नजर टिकाए हुए हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस अवधि में रॉकी के लापता होने से जुड़ी गुत्थी सुलझ सकती है।