मुजफ्फरनगर। "ऑपरेशन सवेरा" के तहत कोतवाली नगर पुलिस ने नशा तस्करी के एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से लगभग एक लाख रुपये मूल्य की स्मैक तथा एक स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की है, जिसका इस्तेमाल तस्करी में किया जा रहा था।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मेरठ जिले के मुंडाली थाना क्षेत्र के अजराड़ा गांव निवासी शहजाद पुत्र अब्दुल वहाब और कासिम पुत्र आबिद के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी उत्तराखंड के मंगलौर क्षेत्र से स्मैक की खरीदारी कर उसे मुजफ्फरनगर और मेरठ में सप्लाई करते थे।


जानकारी के अनुसार शहजाद की ससुराल खालापार थाना क्षेत्र के सूजड़ू इलाके में है और वह पहले यहां रह चुका है। उसके खिलाफ पूर्व में भी नशा तस्करी से जुड़े मामलों में शहर कोतवाली और सिविल लाइन थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं और वह जेल भी जा चुका है।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने तस्करी के लिए इस्तेमाल की जा रही स्विफ्ट डिजायर कार को खास तौर पर इस अवैध कारोबार में लगाया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वाहन को अपने नाम ट्रांसफर नहीं कराया गया था और वह पुराने मालिक के नाम पर ही चलाया जा रहा था।

कोतवाली नगर पुलिस ने सूचना के आधार पर चरथावल-नियाजुपुरा मार्ग पर काली नदी पुल के पास घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान शहजाद से 10 ग्राम और कासिम से 11 ग्राम स्मैक बरामद हुई।

पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। इस कार्रवाई में कोतवाली नगर प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार शर्मा, उपनिरीक्षक शशि कपूर सहित पुलिस टीम शामिल रही।