मुजफ्फरनगर में हुए 1.01 करोड़ रुपये के चर्चित साइबर फ्रॉड मामले की जांच में साइबर थाना पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारियां हाथ लगी हैं। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दिल्ली निवासी मोहित कुमार को गिरफ्तार किया है। वहीं इस गिरोह से जुड़े दो अन्य आरोपियों को, जो वर्तमान में पंजाब और मध्य प्रदेश की जेलों में बंद हैं, प्रोडक्शन वारंट के जरिए पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है।
पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी के बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है। प्रारंभिक पड़ताल में यह भी पता चला है कि उसके खातों का संबंध देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज साइबर ठगी के कई मामलों से जुड़ा हो सकता है। संदिग्ध वित्तीय लेनदेन को लेकर पुलिस विस्तृत जांच कर रही है।

जांच एजेंसियों के अनुसार ठगों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिए पीड़ित से संपर्क साधा था। दोस्ती बढ़ाने के बाद उसे ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा दिया गया और एक फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया गया। इसी धोखाधड़ी के तहत पीड़ित से कुल 1 करोड़ 1 लाख 2 हजार रुपये की ठगी कर ली गई।
इस मामले में पुलिस पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। उनके कब्जे से मोबाइल फोन, लैपटॉप, एटीएम कार्ड, चेकबुक समेत कई अहम इलेक्ट्रॉनिक और बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए गए थे।

साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई के दौरान अब तक ठगी गई रकम में से 25.18 लाख रुपये से अधिक की राशि फ्रीज करा दी है। इस धनराशि को पीड़ित के खाते में वापस दिलाने की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी के इस नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है और आगे और भी अहम खुलासे सामने आ सकते हैं।