मुजफ्फरनगर जनपद के माड़ी गांव में भारी जलभराव के चलते हालात बिगड़ गए हैं। गांव का जोहड़ अधिक भर जाने के कारण उसका पानी आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में फैल गया है, जिससे कई घरों और गलियों में पानी घुस गया है। इससे स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, इस समस्या को लेकर पहले भी कई बार संबंधित विभागों को सूचित किया गया था और जोहड़ की सफाई तथा उचित निकासी व्यवस्था की मांग की गई थी। इसके बावजूद समय पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसका नतीजा अब बारिश के बाद गंभीर जलभराव के रूप में सामने आया है।


पानी भरने से सबसे ज्यादा परेशानी उन परिवारों को हो रही है जिनके घर सीधे प्रभावित क्षेत्र में हैं। रास्तों पर जलभराव के कारण आवागमन लगभग ठप हो गया है और घरों में रहना भी मुश्किल होता जा रहा है। गंदा पानी जमा होने से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है।

गांववासियों ने यह भी बताया कि जलभराव का असर अब प्राचीन भरत मंदिर परिसर तक पहुंच गया है। मंदिर के आसपास पानी जमा होने से श्रद्धालुओं को आवाजाही में परेशानी हो रही है, जिससे धार्मिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक स्थल तक पानी पहुंचना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था करने और इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।