मुजफ्फरनगर में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम बताया गया। कार्यक्रम में एमएलसी वंदना वर्मा और राज्य महिला आयोग की सदस्य सपना कश्यप मौजूद रहीं।
प्रेस वार्ता के दौरान सपना कश्यप ने कहा कि देश में बदलाव की सबसे बड़ी ताकत महिलाओं की भूमिका है और इसी दिशा में यह अधिनियम एक मजबूत आधार प्रदान करता है। उन्होंने 19 सितंबर 2023 को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में अहम दिन बताते हुए कहा कि यह कानून महिलाओं को सिर्फ अधिकार ही नहीं देता, बल्कि उन्हें पहचान और सम्मान भी दिलाता है।
उन्होंने आगे कहा कि लंबे समय से इस विषय पर चर्चा और वादे होते रहे, लेकिन अब जाकर इसे धरातल पर लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। इससे पहले यह विधेयक कई बार प्रस्तुत होने के बावजूद विभिन्न कारणों से लंबित रहा था।
एमएलसी वंदना वर्मा ने भी इस अधिनियम को महिलाओं के लंबे संघर्ष का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक इच्छाशक्ति होने पर बड़े और सकारात्मक बदलाव संभव हैं। उनके अनुसार इस कानून से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे नीतिगत निर्णयों में अधिक संतुलन देखने को मिलेगा।

प्रेस वार्ता में यह भी जानकारी दी गई कि यह प्रावधान आगामी 15 वर्षों तक प्रभावी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर इसमें संशोधन का प्रावधान भी रखा गया है। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने इसे देश की आधी आबादी को मुख्यधारा की राजनीति से जोड़ने वाला एक निर्णायक कदम बताया।
इस अवसर पर सीडीओ कंडारकर कमल किशोर देश भूषण, एडीएम वित्त एवं राजस्व गजेन्द्र कुमार, डॉ. राजीव कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।