मुज़फ्फरनगर को आधुनिक और स्मार्ट शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार ने अपनी कोशिशें और तेज कर दी हैं। इसी क्रम में प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने लखनऊ में ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा से मुलाकात की और शहर के समग्र विकास के लिए अतिरिक्त बजट जारी करने की मांग रखी।
बैठक के दौरान कपिल देव अग्रवाल ने मुज़फ्फरनगर के तेजी से हो रहे शहरीकरण और औद्योगिक विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि अब शहर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना जरूरी हो गया है। उन्होंने मौजूदा बजट के अलावा विशेष वित्तीय सहायता देने का प्रस्ताव भी रखा, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।

चर्चा के दौरान शहर की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर खास जोर दिया गया। इसमें सड़कों का चौड़ीकरण, नई सड़कों का निर्माण, जलभराव की समस्या से निपटने के लिए आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, भूमिगत बिजली लाइनें, बेहतर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं के विस्तार जैसे मुद्दे शामिल रहे। अधिकारियों के अनुसार, मुज़फ्फरनगर को चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट सिटी मॉडल के तहत विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है।
बैठक में आईटीआई के पास बन रहे 132 केवी विद्युत उपकेंद्र का मुद्दा भी उठा। कपिल देव अग्रवाल ने ऊर्जा मंत्री को इसके शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि इस उपकेंद्र के शुरू होने से न केवल शहर बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति बेहतर होगी, जिससे उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को सीधा लाभ मिलेगा।
स्मार्ट मीटर से जुड़ी उपभोक्ता शिकायतों पर भी चर्चा हुई। कपिल देव अग्रवाल ने सरकार के उस निर्णय का स्वागत किया जिसमें प्री-पेड स्मार्ट मीटर की जगह पोस्ट-पेड प्रणाली लागू की जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और बिजली व्यवस्था के प्रति भरोसा बढ़ेगा।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बिजली बिल और मीटर से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए जल्द ही विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां उपभोक्ताओं की शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया जाएगा।