मुजफ्फरनगर। नई मंडी कोतवाली क्षेत्र की वसुंधरा रेजीडेंसी में सोमवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक मकान में गैस सिलेंडर फटने से जोरदार धमाका हुआ और आग लग गई। इस हादसे में देवबंद तहसील में तैनात कानूनगो अमित गौड़ (40), उनके बड़े भाई नितिन गौड़ (45) और मां सुशीला (65) की मौके पर ही मौत हो गई। आग बुझाने और बचाव के प्रयास में एक पड़ोसी भी गंभीर रूप से झुलस गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय अमित गौड़ अपने भाई और मां के साथ घर के अंदर मौजूद थे। इसी दौरान अचानक गैस सिलेंडर में विस्फोट हुआ, जिससे पूरा मकान आग की चपेट में आ गया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि भीतर फंसे लोगों को बाहर नहीं निकाला जा सका।

पत्नी-बच्चे बाहर थे, लौटते ही हुआ धमाका
बताया गया कि हादसे से कुछ देर पहले अमित की पत्नी ऋचा अपनी बेटियों अक्षिका और अराध्या के साथ कॉलोनी में पालतू कुत्ते को घुमाने गई थीं। तभी पड़ोसियों ने मकान से धुआं उठता देखा और फोन पर सूचना दी। परिवार के लोग घर की ओर दौड़े ही थे कि अचानक जोरदार धमाका हो गया।

दो महीने पहले ही किराए पर लिया था मकान
मूल रूप से शामली निवासी अमित गौड़ सहारनपुर के देवबंद तहसील में कानूनगो के पद पर तैनात थे। वह करीब दो माह पहले ही अपने परिवार के साथ वसुंधरा रेजीडेंसी में किराए के मकान में रहने आए थे।

बचाव में जुटा पड़ोसी भी झुलसा
धमाके के बाद आग तेजी से फैल गई। पड़ोसी आदित्य राणा ने बचाने की कोशिश की, लेकिन वह भी आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें उपचार के लिए बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

सूचना मिलने पर दमकल विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और मकान के अंदर से तीनों शव बाहर निकाले गए। एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण गैस सिलेंडर का फटना सामने आया है। घटना के बाद कॉलोनी में शोक और दहशत का माहौल है।