देवबंद (उत्तर प्रदेश)। लालवाला गांव से जुड़े प्रकरण को लेकर भीम आर्मी द्वारा 14 मई को प्रस्तावित आंदोलन की चेतावनी के बाद गुरुवार को प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आई। शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।

प्रमुख स्थानों पर कड़ी सुरक्षा

देहरादून मार्ग स्थित रविदास छात्रावास के बाहर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी। इसके अलावा घंटाघर, अदालत मार्ग, हसनपुर चुंगी, नवाबगंज और विश्वकर्मा चौक जैसे क्षेत्रों में भी पुलिस बल की तैनाती की गई।

अधिकारियों ने लगातार गश्त कर हालात का जायजा लिया। प्रशासन को आशंका थी कि प्रस्तावित आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक एकत्र हो सकते हैं, इसी कारण पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।

दो नेताओं को किया गया नजरबंद

स्थिति को देखते हुए पुलिस ने एहतियातन आजाद समाज पार्टी के जिला प्रभारी सन्नी गौतम को उनके घर में नजरबंद कर दिया। इसके अलावा राव कैसर सलीम को भी उनके आवास पर ही पुलिस निगरानी में रखा गया, ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो।

आंदोलन स्थगित, फिर भी सतर्कता जारी

हालांकि भीम आर्मी की ओर से प्रस्तावित आंदोलन को बाद में स्थगित कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढिलाई नहीं बरती।

अधिकारियों ने बताया कि यह कदम पूरी तरह एहतियात के तौर पर उठाया गया था और पूरे क्षेत्र में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही थी।