पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बुधवार रात आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने कई जिलों में व्यापक नुकसान पहुंचाया। हस्तिनापुर क्षेत्र में रात करीब 10 बजे अचानक तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। लगभग 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं और गरज-चमक के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर हो गए। करीब 20 मिनट तक चले इस तूफान ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया।
कई गांवों में सबसे ज्यादा असर
हस्तिनापुर खादर क्षेत्र के तारापुर, सराय खादर, चामरौध और रठौरा सहित कई गांवों में तूफान का सबसे अधिक प्रभाव देखा गया। तेज हवाओं के चलते कई जगह पेड़ गिर गए, बिजली के खंभे टूट गए और टिन की छतें उड़ गईं, जिससे यातायात और जनजीवन दोनों प्रभावित हुए।
स्थानीय लोगों के अनुसार अचानक आए इस तूफान से अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग करीब 20 मिनट तक अपने घरों में कैद रहने को मजबूर हो गए।
बिजली और पेड़ गिरने से बड़ा नुकसान
आंधी के कारण रात में ही बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी, जिससे पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब गया। बिजली विभाग के अनुसार, गुरुवार सुबह नुकसान का आकलन किया जाएगा, जिसके बाद टूटे खंभों और लाइनों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
वन विभाग की टीमों को भी कई स्थानों पर गिरे पेड़ों को हटाने के लिए भेजा गया है।
खेती और बागवानी को झटका
किठौर और माछरा क्षेत्र में किसानों ने बताया कि धान की रोपाई की तैयारी प्रभावित हुई है और खेतों का काम करीब 10 दिन पीछे चला गया है।
वहीं आम के बाग मालिकों के अनुसार तेज हवाओं से फसल को भारी नुकसान हुआ है। कई जगह कच्चे आम गिर गए और पेड़ों की डालियां टूट गईं, जिससे बागवानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।
सड़क और बिजली व्यवस्था बाधित
सरूरपुर क्षेत्र में मेरठ-बड़ौत मार्ग पर हर्रा के पास एक बड़ा पेड़ हाईटेंशन लाइन पर गिर गया, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और यातायात भी कुछ समय के लिए ठप रहा। पुलिस और प्रशासन की मदद से पेड़ हटवाकर मार्ग को फिर से चालू कराया गया।
नकुड़ क्षेत्र में दर्जनों गांव अंधेरे में
सहारनपुर के नकुड़ क्षेत्र में भी तेज आंधी से कई पेड़ बिजली लाइनों पर गिर गए, जिससे दो दर्जन से अधिक गांवों की बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई। कई स्थानों पर पोल टूटने की भी सूचना मिली है।
बाग मालिकों के अनुसार आम की फसल को लगभग 40 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है। बिजली विभाग की टीमें आपूर्ति बहाल करने में लगातार जुटी हुई हैं।