संभल जिले के नखासा थाना क्षेत्र में शनिवार को कसेरुआ गांव स्थित मस्जिद मुस्तफा कादरी के ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान “आई लव मोहम्मद” लिखे पोस्टर और एक संदिग्ध झंडा मिलने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने इस मामले में मस्जिद के मुतवल्ली समेत आठ लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान नखासा थाना पुलिस की टीम गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर मौजूद थी। इसी दौरान जब मस्जिदनुमा ढांचे की तलाशी ली गई तो सबसे ऊपरी हिस्से के मुख्य हॉल में रखे एक स्थान से 49 पोस्टर बरामद हुए, जिन पर “आई लव मोहम्मद” लिखा हुआ था। इसके अलावा एक हरे रंग का झंडा भी मिला, जिसे प्रारंभिक जांच में पाकिस्तान का झंडा होने का संदेह जताया गया है। पुलिस ने सभी सामग्री को कब्जे में ले लिया है।
इस मामले में मस्जिद के मुतवल्ली जाकिर सहित जाकिर हुसैन, तसलीम, भूरे अली, शरफुद्दीन, दिलशरीफ, मोहम्मद अली और नन्हें को आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों की पुष्टि की जा रही है।
इधर, कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 353(2) के तहत यदि कोई व्यक्ति ऐसा बयान, रिपोर्ट या सामग्री तैयार करता है या फैलाता है जिससे विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य या तनाव फैलने की संभावना हो, तो यह गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है और इसमें तीन वर्ष तक की सजा या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान मिली सामग्री को लेकर केस दर्ज कर आगे की विवेचना की जा रही है।