शामली। शहर कोतवाली पुलिस ने चर्चित आयुष धर्मांतरण मामले में कार्रवाई तेज करते हुए एक और आरोपी तौफीक उर्फ भोला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी चांदनी कुरैशी का फुफेरा भाई है। इससे पहले इस मामले में आरोपी युवती चांदनी और उसके पिता को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य कई आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।
मामला शहर के दयानंद नगर निवासी दवा कारोबारी देवराज मलिक के बेटे आयुष मलिक से जुड़ा है, जिनके कथित धर्मांतरण को लेकर आठ दिन पहले शहर कोतवाली में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में तीन मौलानाओं सहित कुल 11 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिन पर आयुष को प्रेम जाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन और संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया गया है।
एक और गिरफ्तारी, जांच में तेजी
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, शनिवार को तौफीक उर्फ भोला को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने कथित रूप से यह स्वीकार किया है कि आयुष का धर्मांतरण सुनियोजित तरीके से कराया गया था। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ी से कड़ी जोड़ने में जुटी है।
इससे पहले सोमवार को पुलिस ने चांदनी कुरैशी और उसके पिता को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में कुल 11 आरोपियों में से अब तक तीन को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मौलानाओं की तलाश में दबिश
शिकायतकर्ता देवराज मलिक की ओर से दर्ज रिपोर्ट में चांदनी कुरैशी, उसके परिवार के सदस्यों, मौलाना मुनव्वर और अन्य मौलानाओं सहित कुल 11 लोगों को नामजद किया गया है। इसमें से आठ आरोपी अभी फरार हैं।
पुलिस, एसआईटी, एसओजी और क्राइम ब्रांच की टीमें फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। इसके साथ ही पुलिस संबंधित लोगों के बैंक खातों की भी जांच कर रही है, ताकि वित्तीय लेनदेन की जानकारी मिल सके।
प्रदर्शन और आत्मदाह की चेतावनी
इस मामले को लेकर हिंदू रक्षा दल ने विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। संगठन के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने रविवार को शामली स्थित एक निजी चिकित्सक के आवास के बाहर प्रदर्शन और आत्मदाह की चेतावनी दी है।
आरोप है कि धर्मांतरण मामले में चिकित्सक की भूमिका रही है। संगठन ने पुलिस प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर विरोध तेज करने की बात कही गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर और अफवाहें
सोशल मीडिया पर आयुष मलिक की क्लीन शेव फोटो वायरल होने के बाद उनके हिंदू धर्म में वापसी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि पुलिस और परिजन इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं कर रहे हैं।
एसपी का कहना है कि आयुष अपने परिजनों के साथ हैं, जबकि परिजनों ने दावा किया है कि उनकी अभी उनसे बातचीत नहीं हुई है और वायरल तस्वीर को एडिटेड बताया है।
वीडियो और सोशल मीडिया दावे
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला आयुष को लेकर किसी तरह की टिप्पणी कर रही है और उन्हें परेशान न करने की बात कह रही है। परिजनों ने इस वीडियो को फर्जी बताते हुए पुलिस से शिकायत दर्ज कराई है।
इसके अलावा दिल्ली निवासी मुफ्ती मुकर्रम के नाम से भी एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कहा गया है कि यदि आयुष ने स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन किया है तो संबंधित परिवार को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। पुलिस इन सभी वायरल वीडियो की जांच कर रही है और उनकी सत्यता की पुष्टि में जुटी है।