मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बने हैबिटेट सेंटर के लोकार्पण समारोह में कहा कि मैं चाहूंगा कि यह सेंटर पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कल्याण सिंह के नाम से जाना जाए। विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार अलीगढ़ आए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जनपद के विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। साथ ही, पहले सूखा और फिर अत्यधिक बारिश से बर्बाद हुए किसानों को हर हाल में मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए टीमें सर्वे के काम में जुटी हुई हैं। उन्होंने यहां 446.27 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया।
हैबिटेट सेंटर के लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री ने अपने करीब 30 मिनट के भाषण में कहा कि आज से 31 वर्ष पूर्व 1991 में मुख्यमंत्री रहते स्व. कल्याण सिंह ने प्रदेश में सुरक्षा का वातावरण दिया था। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए और परिकल्पना को साकार करते हुए हैबिटेट सेंटर बनाया गया है, जो शहर के यातायात, बहन-बेटियों की सुरक्षा, बेहतर बाजार, अच्छे कांफ्रेंस हॉल का एक केंद्र होगा। इसलिए मैं चाहूंगा कि इस सेंटर का नाम अलीगढ़ को पहचान दिलाने वाले कल्याण सिंह के नाम से हो।
उन्होंने जनता का आभार जताते हुए कहा कि आपने छह माह पूर्व चुनाव में हमारी सरकार के कार्यों पर मुहर लगाते हुए पूर्ण बहुमत दिया। जिला पुलिस, प्रशासन व जनप्रतिनिधियों का समन्वय भी धन्यवाद का पात्र है। जिसकी वजह से विकास योजनाओं को गुणवत्तापूर्वक व समयबद्ध तरीके से पूरा किया गया। इस जिले के विकास में अभी बहुत काम होने हैं। प्रदेश स्तर से धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।उन्होंने हैबिटेट सेंटर को विकसित हो रहे अलीगढ़ में विकास की नई परिभाषा करार दिया। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि हमें ध्यान रखना होगा, विकास किसी भी सरकार की प्राथमिकता होती है, मगर बिना जनसहभागिता के विकास अधूरा होता है। जब आमजन की सहभागिता जुड़ेगी, तभी विकास की रफ्तार बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकास की योजनाएं देश में लगातार बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि लोक कल्याण, युवा उत्थान, महिला सशक्तीकरण सहित हर क्षेत्र में बिना भेदभाव विकास किए जा रहे हैं। समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाया जा रहा है। इसी का परिणाम यह हैबिटेट सेंटर है, जिसमें बेहतर पार्किंग, अच्छे कांफ्रेंस रूम, सेफ सिटी के तहत सुरक्षा व यातायात का कंट्रोल सेंटर शामिल कर बहन बेटियों को सुरक्षा की गारंटी यह सेंटर देगा। शॉपिंग कांप्लेक्स में लोग खरीदारी के लिए आएंगे। उन्होंने स्मार्ट सिटी, नगर निगम के अधिकारियों व मेयर को बेहतर कार्यक्रम के लिए धन्यवाद दिया। इस दौरान वे टीबी रोग, पोषण मिशन आदि पर भी बोले। युवाओं को दिए जा रहे टैबलेट व स्मार्ट फोन पर भी कहा कि यह विकास की नई दिशा तय करेंगे। अभ्युदय कोचिंग में नए अधिकारी उन्हें शिक्षित कर रहे हैं। यह भी आम जन की सहभागिता का एक उदाहरण है।
एयरक्राफ्ट मरम्मत के लिए अलीगढ़ में होगा देश का इकलौता केंद्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री द्वारा ओडीओपी के तहत अलीगढ़ के उत्पादों के लिए दी गई सौगात का जिक्र करते हुए कहा कि इससे अलीगढ़ के उत्पादों को प्रोत्साहन मिलेगा। डिफेंस कॉरिडोर में जल्द उत्पादन शुरू होगा। इसके अलावा जेवर के पास अलीगढ़ जिले की सीमा में देश का पहला व इकलौता एयरक्राफ्ट मरम्मत केंद्र विकसित करने की तैयारी है। विमानों की मरम्मत के लिए अब सिंगापुर नहीं जाना होगा।उन्होंने कहा कि बात यहीं खत्म नहीं होती। राजा महेंद्र प्रताप विवि में एरयक्राफ्ट मरम्मत की ट्रेनिंग का केंद्र व उसकी डिग्री देने का केंद्र भी बनेगा। मतलब साफ है कि यहीं शिक्षा ग्रहण करो और यहीं नौकरी पाओ। उन्होंने जिले के विकास में अमृत योजना से पेयजल स्कीम, अटल आवासीय केंद्र, स्मार्ट सिटी के काम आदि का जिक्र करते हुए कहा कि शुद्ध पेयजल, ड्रेनेज पर भी काम हो रहे हैं। अंत में उन्होंने सूखा व अत्यधिक बारिश को लेकर मुआवजे व बीज देने का एलान किया। इसके लिए प्रदेश भर में टीम संवेदनशील होकर सर्वे कर रही है।उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं से जुड़ने की हर व्यक्ति की जिम्मेदारी तय की। ये हम अपने घर से पैसा नहीं दे रहे, प्रदेश का पैसा है और सभी के योगदान का पैसा है। इसलिए हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम भी सकारात्मक भाव से विकास योजनाओं से जुड़ें। इसके लिए उन्होंने कूड़े सड़क पर न फेंकने का उदाहरण पेश करते हुए कहा कि ऐसा करने से हमारे लिए ही सीवरेज व ड्रेनेज की समस्या पैदा होती है। अंत में उन्होंने जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से इसी तरह समन्वय स्थापित कर विकास के लिए आगे बढ़ते रहने का आह्वान किया