उत्तर प्रदेश में अब सभी स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर शुक्रवार से सक्रिय हो गए हैं। इसका मतलब यह है कि यदि किसी उपभोक्ता के खाते में बैलेंस समाप्त हो जाता है, तो बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो जाएगी। पावर कॉरपोरेशन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने मीटर का बैलेंस समय पर रिचार्ज करें।

प्रदेश में कुल लगभग 78 लाख स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें से 70.50 लाख प्रीपेड मीटर हैं। अब इन मीटरों के गो-लाइव होने के बाद बैलेंस खत्म होने पर बिजली आपूर्ति स्वतः डिस्कनेक्ट हो जाएगी। उपभोक्ता यूपीपीसीएल की वेबसाइट, मोबाइल ऐप, भीम, फोनपे, गूगल पे और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए घर बैठे रिचार्ज कर सकते हैं। इसके अलावा विभागीय काउंटरों पर भी रिचार्ज की सुविधा उपलब्ध है।

स्मार्ट मीटर से बिलिंग अधिक सटीक होगी, मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और उपभोक्ताओं को नियमित बिल भी मिलेगा। प्रीपेड स्मार्ट मीटर का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को बिजली बिल में 2% की छूट भी दी जाती है।

पहले दिन ही 40 हजार से अधिक उपभोक्ताओं की बिजली कटी

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि पहले दिन लगभग 40 हजार उपभोक्ताओं के मीटर ने निगेटिव बैलेंस के कारण बिजली काट दी। कई स्थानों पर भुगतान करने के बावजूद सिस्टम में अपडेट न होने के कारण बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पा रही है। वर्मा ने कई जगहों पर संबंधित बिजली कंपनियों को तत्काल हस्तक्षेप करने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि लंबे समय से पावर कॉर्पोरेशन और निजी कंपनियों के सिस्टम में तकनीकी खामियां थीं। इसके कारण नेगेटिव बैलेंस होने के बावजूद कनेक्शन डिस्कनेक्ट नहीं हुआ, जिससे पूरे प्रदेश में लगभग 70 लाख उपभोक्ताओं पर 1,600 करोड़ रुपये तक का बकाया जमा हो गया।

अवधेश कुमार ने कहा कि अब बकाया सामने आने के बाद ऐसे कई उपभोक्ता हो सकते हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। उन्हें विद्युत वितरण संहिता 2005 की धारा 6.14 के तहत किस्तों में भुगतान की सुविधा दी जा सकती है। इसमें पहली किस्त में 40% जमा करने के बाद शेष राशि को तीन बराबर मासिक किस्तों में चुकाया जा सकता है।