उत्तर प्रदेश के प्रयागराज–कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के दो सदस्यों की जान चली गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा उस वक्त हुआ जब करीब 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से जा रही स्कॉर्पियो ने सड़क पार कर रहे परिवार के लोगों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि भाई-बहन हवा में उछलकर कई फीट दूर जा गिरे।

ओवरब्रिज पर हुआ हादसा
घटना कल्याणपुर थाना क्षेत्र के मुरादीपुर ओवरब्रिज पर एक कॉलेज के सामने हुई। मृतकों की पहचान राधानगर थाना क्षेत्र के विनोबा नगर निवासी चंद्रकिशोर की पत्नी कल्लो (50) और उनके भाई राजकिशोर (45) के रूप में हुई है। हादसे में परिवार के सुरेश (55) गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें पहले गोपालगंज पीएचसी और बाद में जिला अस्पताल रेफर किया गया।

हादसे के बाद स्कॉर्पियो चालक वाहन लेकर कानपुर की ओर फरार हो गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आसपास के थानों को सूचना दी और कुछ ही देर में महाराजपुर क्षेत्र के पास वाहन और चालक को पकड़ लिया। बताया गया कि स्कॉर्पियो प्रयागराज से कानपुर की ओर जा रही थी।

काम से लौट रहा था परिवार
हादसे का शिकार हुआ परिवार गिहार समाज से है और रोज़गार के सिलसिले में बाहर काम करता था। परिजनों के मुताबिक, ये लोग बीते दो महीनों से उन्नाव और बाद में रायबरेली के बछरावां क्षेत्र में पत्थर टांकने (सिलबट्टा) का काम कर रहे थे। रविवार को सभी लोग लोडर वाहन से अपने घर लौट रहे थे।

बताया गया कि लोडर चालक ने सातों लोगों को हाईवे पर गलत दिशा में उतार दिया। सड़क पार करते समय कानपुर की ओर से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने तीन लोगों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे मौके पर ही दो की मौत हो गई।

सिर पर सामान, नहीं देख पाए वाहन
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, परिवार के लोग चावल और घरेलू सामान की बोरियां सिर पर रखकर सड़क पार कर रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि सामान सिर पर होने के कारण वे तेजी से आ रहे वाहन को समय रहते देख नहीं सके। हादसे के बाद बोरियां फट गईं और चावल सड़क पर फैल गया, वहीं जूते-चप्पल भी इधर-उधर बिखरे मिले।

ब्रेक के निशान नहीं मिले
घटनास्थल पर स्कॉर्पियो के ब्रेक लगाने के कोई निशान नहीं मिले, जबकि वाहन के टूटे शीशे मौके पर पाए गए। स्थानीय लोगों के मुताबिक, टक्कर के बाद कुछ लोगों ने भागती स्कॉर्पियो को रोकने की कोशिश में पथराव भी किया, लेकिन चालक नहीं रुका। पुलिस का मानना है कि टक्कर के बाद लोग उछलकर वाहन के बोनट पर गिरे, जिससे शीशा टूट गया।

लोडर चालक की लापरवाही बनी वजह
परिजनों का आरोप है कि लोडर चालक को दूधी कागार मोड़ पर ही उन्हें उतार देना चाहिए था। लेकिन जाम और पुलिस बैरिकेडिंग के कारण चालक ने परिवार को करीब डेढ़ किलोमीटर आगे मुरादीपुर ओवरब्रिज पर उल्टी दिशा में उतार दिया। यही लापरवाही इस दर्दनाक हादसे की बड़ी वजह बनी।