यूपी। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने चेतावनी दी है कि वर्तमान में लागू की गई वर्टिकल व्यवस्था से गर्मियों में बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है। उन्होंने कहा कि जिन शहरों में यह व्यवस्था लागू हुई है, वहां हालात मार्च के पहले सप्ताह में ही खराब दिख रहे हैं। परिषद अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा की मांग की है।
वर्मा ने बताया कि वर्टिकल प्रणाली से उपभोक्ता परेशान हैं और विद्युत दुर्घटनाओं की घटनाओं में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि 1912 हेल्पलाइन अब केवल औपचारिकता बनकर रह गई है और उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय पर समाधान नहीं हो पा रहा। इस गर्मी में पीक डिमांड लगभग 32,000 से 33,000 मेगावाट के बीच रहने का अनुमान है।
राज्य में कुल 3.72 करोड़ विद्युत उपभोक्ता हैं, जबकि कुल स्वीकृत भार 8 करोड़ किलोवाट से अधिक है। इसके मुकाबले 132 केवी सब-स्टेशनों की उपलब्ध क्षमता लगभग 6 करोड़ किलोवाट है, जिससे 2 करोड़ किलोवाट का अंतर नियंत्रित करना बड़ी चुनौती बनता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि अब भी समय रहते प्रयोगात्मक बदलाव रोककर व्यावहारिक और उपभोक्ता-केंद्रित व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जाए।
वर्मा ने यह भी चेताया कि यदि बिजली आपूर्ति में विफलता होती है, तो जिम्मेदारी उन कुछ उच्च अधिकारियों की होगी जो उपभोक्ताओं को समस्याओं में डालकर सरकार की छवि को प्रभावित करना चाहते हैं। परिषद ने ग्रीष्मकाल शुरू होने से पहले बिजली व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का गंभीर मूल्यांकन कर सुधारात्मक कदम उठाने की सिफारिश की। उन्होंने कहा कि यदि उपभोक्ताओं को परेशानी होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।