अमरोहा। यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हमला करने वाले सगे भाई जीशान और गुलफाम की मुठभेड़ में मौत के बाद सैदनगली कस्बे में लोगों में डर का माहौल है। रविवार रात पुलिस ने पहले जीशान को मार गिराया था, और लगभग 12 घंटे बाद बड़े भाई गुलफाम को भी गाजियाबाद पुलिस ने मुठभेड़ में मौत के घाट उतार दिया।
इस घटना के बाद बुनियाद अली का परिवार लगभग खत्म हो गया है। अब परिवार में केवल बूढ़े मां-बाप, गुलफाम की पत्नी और दो बच्चे ही बचे हैं। मंगलवार देर रात जब यह खबर कस्बे में फैली, तो लोग सकते में आ गए।
घटना का सिलसिला
गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर उनके कार्यालय में चाकू से हमला किया गया था, जिसे सीसीटीवी में कैद कर लिया गया। हमलावरों की पहचान सगे भाई गुलफाम और जीशान के रूप में हुई।
दोनों भाई मूल रूप से सैदनगली निवासी बुनियाद अली के बेटे थे। जीशान और गुलफाम पिछले 10 साल से नोएडा की खोड़ा कॉलोनी में किराए के मकान में रहते थे और फर्नीचर का काम करते थे। दोनों की धार्मिक प्रवृत्ति मजबूत थी और उनका पहनावा और दिनचर्या इसी रंग में रंगी हुई थी।
जीशान अविवाहित था, जबकि गुलफाम शादीशुदा था और उसके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। परिवार में पिता बुनियाद, मां अफसाना और पांच बहनें हैं, जिनकी सभी शादी हो चुकी है।
रविवार रात को पहले पुलिस ने जीशान को मुठभेड़ में मार गिराया, जबकि गुलफाम फरार हो गया। दोनों भाइयों पर एक-एक लाख रुपये का ईनाम भी घोषित था। सोमवार देर रात पिता और रिश्तेदार जीशान का शव गाजियाबाद से घर लेकर आए और रात ही उसका दफन किया गया। लगभग 12 घंटे बाद गुलफाम की मुठभेड़ में मौत की खबर भी पहुंची, जिसने कस्बे में दहशत फैल गई।
परिवार और कस्बे का माहौल
दोनों भाइयों के घर के आसपास रहने वाले लोग अब भी भय में हैं। परिवार ने घर को भीतर से बंद कर लिया है और रिश्तेदार भीतर ही मौजूद हैं। लोगों के बीच यह चर्चा भी चल रही है कि धार्मिक कट्टरता ने बुनियाद अली के परिवार को इस हद तक प्रभावित किया कि दोनों भाई इस कृत्य को अंजाम दे बैठे।
किसी संगठन से जुड़ाव की जांच
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या दोनों भाई किसी कट्टरपंथी या आतंकी संगठन से जुड़े थे। गाजियाबाद पुलिस मोबाइल और इंटरनेट मीडिया अकाउंट के माध्यम से उनकी गतिविधियों का पता लगाने में जुटी हुई है। कस्बे में लोग भी आशंका जता रहे हैं कि कहीं दोनों का यह कदम किसी बड़े संगठन के इशारे पर तो नहीं था।